BCCI: क्रिकेट एक ऐसा खेल है, जिसे भारत में धर्म की तरह पूजा जाता है और धर्म से जुड़ी जब कोई बुरी बात पता चलती है। तो लोगों का दिल काफी दुखता है। हाल ही में स्पॉट फिक्सिंग का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को फिर एक बार सोचने पर मजबूर कर दिया है। हालांकि इस मामले पर बोर्ड (BCCI) ने काफी सख्त फैसला लेते हुए इस घोटाले में शामिल व्यक्ति को आजीवन बैन कर दिया है।
BCCI ने किया इस व्यक्ति को किया बैन

एनडीटीवी में छवि खबर के अनुसार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई (BCCI) को रणजी ट्रॉफी 2024 सीजन के क्वार्टर फाइनल के दौरान स्पॉट फिक्सिंग की शिकायत मिली थी और उसी के जांच के बाद अब वीडियो विश्लेषक राजा रेड्डी पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच हुए क्वार्टरफाइनल मैच के दौरान फिक्सिंग में शामिल होने के चलते वीडियो विश्लेषक राजा रेड्डी पर लाइफटाइम बैन लगाया गया है। ज्ञात हो कि बीसीसीआई की भ्रष्टाचार विरोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) द्वारा की गई जांच के अनुसार रेड्डी को आचार संहिता के अनुच्छेद 2.1.3 और 2.1.4 के तहत भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया। रेड्डी ने अपने आरोपों को स्वीकार भी किया है।
ये है पूरा मामला
बता दें कि यह मामला साल 2024, फरवरी का है। जब इंदौर में रणजी ट्रॉफी का क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेला जा रहा था। आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच जारी मुकाबले के दौरान रेड्डी विश्लेषक के रूप में काम कर रहे थे और उनके पास तीसरे अंपायर और मैच रेफरी के लिए निर्धारित कमरे का एक्सेस था।
जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश टीम के मैनेजर ने शिकायत दर्ज कराई की राजा रेड्डी ने आंध्र के खिलाड़ी गिरिनाथ रेड्डी को टीम की प्लेइंग इलेवन के बारे में जानकारी देने और अपने दो ओवरों में पांच रन देने के बदले 5 लाख देने का प्रलोभन दिया था।
यह भी पढ़ें: IPL 2026 से बाहर होने के बाद भी हर्षित राणा की नहीं कटेगी सैलरी, मिलेंगे इतने करोड़, जानें नियम
अरुण कुमार मिश्रा ने कही ये बात
बीसीसीआई (BCCI) के लोकपाल अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि, “आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन के एक खिलाड़ी श्री गिरिनाथ रेड्डी ने रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल मैच के संबंध में प्रतिवादी द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के प्रयास की शिकायत दर्ज कराई है। यह मैच 23.02.2024 से 26.02.2024 तक इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन (ACA) और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के बीच खेला जाना था।”
बयान में उन्होंने आगे बताया कि, “व्हाट्सएप कॉल और चैट हिस्ट्री से पता चलता है कि आरोपी ने बार-बार श्री गिरिनाथ रेड्डी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उससे बात करने से इनकार कर दिया। श्री गिरिनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस घटना की रिपोर्ट अपने टीम मैनेजर को देंगे।”
सट्टेबाजी में लिप्त थे राजा रेड्डी
बताते चलें कि जांच में आगे यह भी पाया गया कि राजा रेड्डी के फोन में सट्टेबाजी के एप्लिकेशन इंस्टॉल थे। जोकि बोर्ड से जुड़े किसी व्यक्ति के लिए गैरकानूनी है। रिपोर्ट में कहा गया कि, “रेड्डी के फोन पर कई ईमेल आईडी कॉन्फ़िगर किए हुए पाए गए। उसके आधिकारिक खाते से भेजे गए ईमेल से पता चला कि उसका ‘bet365’ पर एक खाता था, जो दुनिया के अग्रणी ऑनलाइन जुआ ऑपरेटरों में से एक है।” इसके अलावा राजा रेड्डी का Skrill पर भी एक खाता था, जोकि ऑनलाइन लेनदेन के लिए डिजिटल वॉलेट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
आरोपी राजा रेड्डी ने जांच के दौरान स्वीकार किया कि वो सट्टेबाजी किया करता था। हालांकि उसने दावा किया कि यह बहुत पहले की बात है। मगर उसने यह भी माना कि उसके फोन पर मिला bet365 खाता उसी का था और फरवरी 2023 में इसे फिर से सक्रिय किया गया था।
FAQs
बीसीसीआई ने किस पर फिक्सिंग के लिए लाइफटाइम बैन लगाया है?
यह भी पढ़ें: IPL 2026 के लिए पंजाब किंग्स की प्लेइंग इलेवन फाइनल, प्रियांश, प्रभसिमरन, अय्यर, शशांक, स्टोइनिस…..