Champions Trophy

Champions Trophy: चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) के आयोजन से सबसे ज्यादा फायदा पाकिस्तान को होने वाला था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पाकिस्तान को किसी आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी का मौका 29 साल बाद मिला है।

लेकिन पाकिस्तान के बाहर होते ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को इसका भारी खामियाजा भरना पड़ेगा। चैंपियंस ट्रॉफी के बाहर जाते ही PCB पर आर्थिक संकट आने वाला है। जिस कारण टीम के खिलाड़ियों की हालत बहुत ही खराब होने वाली है।

Champions Trophy से बाहर हुई पाकिस्तान

Pakistan Team

23 मार्च को भारत से हारने के बाद पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) से बाहर हो गई है। टूर्नामेंट में बने रहने की आखिरी उम्मीद भी बांग्लादेश के हारते ही खत्म हो गई। टूर्नामेंट से बाहर होना पाकिस्तान के लिए किसी झटके से कम नहीं है। टीम क टूर्नामेंट में लगातार 2 हार का स्वाद चखना पड़ा।

चैंपियंस ट्रॉफी का पहला मैच न्यूजीलैंड पाकिस्तान के बीच खेला गया जिसमें पाकिस्तान तो हार का सामना करना पड़ा इसके बाद भारत से 6 विकेट से मिली हार के बाद पाकिस्तान का चैंपियंस ट्रॉफी में सफर खत्म हो गया है।

स्टेडियम को भरना होगी बड़ी चुनौती

चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) से मेजबान टीम के ही बाहर होने बाद से टीम को काफी समस्याओं और नुकसान का सामना करना पड़ेगा। दरअसल पाकिस्तान के टूर्नामेंट से बाहर होने बाद से पाकिस्तान फैंस को स्टेडियम तक लाना PCB के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

चूंकि अपनी टीम के बाहर होने के बाद से फैंस में स्टेडियम जातकर मैच देखने का कोई उत्साह नहीं रहेगा। जिस कारण PCB को काफी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

रिवेन्यू पर आएगा असर

बता दें सेमीफाइनल से बाहर होने से पीसीबी के रिवेन्यू पर काफी असर पड़ेगा। क्योंकि, टीम के बाहर निकलने के कारण पाकिस्तान के फैंस टूर्नामेंट में रुचि नहीं दिखाएंगे। वो रुचि नहीं दिखाएंगे तो स्टेडियम खाली रहेगा जिससे पाकिस्तान को वित्तीय संकट का समान करना पड़ सकता है।

वहीं इससे स्टेडियम की आय के अन्य स्त्रोत भी प्रभावित होंगे। इतना ही पाकिस्तान पर स्टेडियम के निर्माण का भी कर्ज है, उन्होंने 1800 करोड़ रुपये का खर्च कर अपने स्टेडियम का निर्माण किया।

अगर टूर्नामेंट से उन्हें पैसे ही नहीं आएंगे तो वह अपने खिलाड़ियों को सैलेरी देने में असमर्थ होंगे। इतना ही नहीं बल्कि अगली बार पाकिस्तान को आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी मिलना भी मुश्किल होगा।

यह भी पढे़ं: 6,6,6,4,4,4,4,4….. रणजी में टुक-टुक हनुमा विहारी भी बने ट्रेविस हेड, गेंदबाजों के छक्के छुड़ाते हुए ठोका तिहरा शतक