Rahmanullah Gurbaz: अफगानिस्तान के खिलाड़ी रहमानुल्लाह गुरबाज को उनकी धुआंधार बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर गुरबाज आईपीएल में भी खेल चुके हैं। हालांकि, कई बार उनका आक्रामक रवैया नुकसानदायक साबित हो जाता है, क्योंकि वह तेजी से रन बनाने के प्रयास में आउट हो जाते हैं।
इसी वजह से कई दिग्गज एक्सपर्ट और फैंस भी इस अफगानी खिलाड़ी को अपनी बल्लेबाजी अप्रोच में बदलाव की सलाह दे चुके हैं लेकिन अब रहमानुल्लाह गुरबाज ने साफ़ कर दिया है कि वह अपना बल्लेबाजी अंदाज नहीं बदलेंगे।
टी20 वर्ल्ड कप से पहले रहमानुल्लाह गुरबाज ने दिया बड़ा बयान

अफगानिस्तान को भारत और श्रीलंका की मेजबानी में 7 फरवरी से होने वाले टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) में हिस्सा लेना है। ऐसे में अफगानिस्तान टीम चाहेगी कि रहमानुल्लाह गुरबाज जैसा खिलाड़ी थोड़ सा अपने अप्रोच में बदलाव करे ताकि वो क्रीज पर ज्यादा समय बिता सकें। हालांकि, इस अफगानी खिलाड़ी ने साफ तौर पर कह दिया है कि वो अपने बल्लेबाजी अंदाज में बदलाव नहीं करेंगे, क्योंकि उनका उद्देश्य फैंस को एंटरटेन करना होता है।
बांग्लादेश प्रीमियर लीग टी20 टूर्नामेंट में ढाका कैपिटल्स के लिए खेल रहे गुरबाज ने क्रिकबज को बताया,
“मुझे लगता है कि मैं अपने क्रिकेट खेल में कुछ भी बदलना नहीं चाहता क्योंकि लोग गुरबाज को जानते हैं, गुरबाज की शैली को जानते हैं, और मैं वही गुरबाज बनना चाहता हूं क्योंकि मैं लोगों का मनोरंजन करना चाहता हूं, मैं मैदान पर आने वाले प्रशंसकों को आनंद देना चाहता हूं।”
अफगानिस्तान खिलाड़ी ने आगे कहा,
“मैं बस अपना स्वाभाविक खेल खेलने की कोशिश करता हूँ। अगर परिस्थितियाँ कठिन हों तो मैं खुद को थोड़ा समय देने की कोशिश करता हूँ, लेकिन हाँ, यह तो सबको पता है कि मैं आक्रामक क्रिकेट खेलता हूँ। ज़्यादातर गेंदबाज़ जानते हैं कि मैं उन पर हमला बोल रहा हूँ, लेकिन गेंदबाज़ भी मेरे लिए योजनाएँ बनाते हैं और कभी-कभी मैं सफल होता हूँ, कभी-कभी असफल हो जाता हूँ, लेकिन यही तो ज़िंदगी है। मैं जिस तरह से खेल रहा हूँ उससे खुश हूँ और जो कुछ भी कर रहा हूँ उससे संतुष्ट हूँ। उम्मीद है कि मैं इसी तरह खेलता रहूँगा।”
अपनी उपलब्धियों से रहमानुल्लाह गुरबाज हैं खुश
24 वर्षीय अफगानी खिलाड़ी ने यह भी कहा कि उन्होंने जो भी कुछ अभी तक हासिल किया है, उससे काफी संतुष्ट हैं। गुरबाज ने कहा,
“मैंने अपने जीवन और क्रिकेट के सफर में जो कुछ भी हासिल किया है, उसके लिए मैं बहुत आभारी हूं। मुझे लगता है कि अपने देश के लिए क्रिकेट खेलना मेरा सपना था और मैंने उसे पूरा किया। मुझे पता है कि राष्ट्रीय स्तर पर खेलना, फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना और लीगों में खेलना मेरे लिए कितना मुश्किल था। लेकिन हां, मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, उसके लिए मैं आभारी हूं।
कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं भाग्यशाली हूँ कि मैंने सब कुछ हासिल कर लिया… मैं बहुत मेहनत करता हूँ। मुझे खेल से प्यार है। मुझे अभ्यास से प्यार है। मुझे कड़ी मेहनत से प्यार है। तो एक ही वाक्य में कहूँ तो: जब आप कड़ी मेहनत करते हैं, तो आपको निश्चित रूप से परिणाम मिलता है, और अगर आज नहीं तो शायद कल। अगर कल नहीं तो एक दिन आपको ज़रूर मिलेगा। मुझे पिछले छह, सात, दस वर्षों की कड़ी मेहनत का फल मिल रहा है।”