Ravindra Jadeja vs Axar Patel: इस समय भारतीय वनडे टीम में रविंद्र जडेजा बतौर ऑलराउंडर खेलते नजर आ रहे हैं। जबकि अक्षर पटेल को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। तो आइए दोनों के आंकड़े देख लेते हैं और जान लेते हैं कि दोनों में से कौन ज्यादा बेहतरीन है और किसे स्क्वाड में में मौका मिलना चाहिए।
Ravindra Jadeja के वनडे आंकड़े
रविंद्र जडेजा ने अब तक कुल 209 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिसकी 201 पारियों में उन्होंने 232 विकेट चटका रखे हैं। इस दौरान उनका बेस्ट बोलिंग फिगर 33 रन देकर 5 विकेट है। उन्होंने सात बार चार विकेट हॉल जबकि दो बार पांच विकेट हॉल हासिल किया है। इस दौरान 141 पारियों में जड्डू ने 2893 रन भी बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 87 रन का है और उनके बल्ले से कुल 13 अर्धशतक आए हैं।
Axar Patel के वनडे आंकड़े
वनडे क्रिकेट में अक्षर पटेल ने अब तक कुल 71 मैच खेले हैं, जिसकी 66 पारियों में उन्होंने 75 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उसका बेस्ट बोलिंग फिगर 24 रन देकर तीन विकेट रहा है। अक्षर पटेल ने अब तक के अपने वनडे करियर में एक भी बार चार या पांच विकेट हॉल हासिल नहीं किया है। वहीं इस दौरान 49 पारियों में उन्होंने 858 रन बनाए हैं। उन्होंने 23.18 की औसत और 91.76 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। 64 के बेस्ट स्कोर के साथ अक्षर ने तीन अर्धशतक जड़ा है और ओवरऑल उनका रिकार्ड ठीक-ठाक है।
Ravindra Jadeja vs Axar Patel

रविंद्र जडेजा और अक्षर पटेल (Ravindra Jadeja vs Axar Patel) दोनों के ओवरऑल वनडे आंकड़े काफी ज्यादा बेहतरीन हैं। दोनों ने इंडिया के लिए लगातार अच्छा किया है। लेकिन रिसेंट समय में प्रदर्शन की बात करें तो इसमें जडेजा थोड़ा पीछे नजर आ रहे हैं। जडेजा ने साल 2020 के बाद से एक भी अर्धशतक नहीं जड़ा है।
वहीं भारत में उनका अंतिम अर्धशतक साल 2013 में आया था। अक्षर पटेल की बात करें तो वह लगातार अच्छा कर रहे हैं। साल 2024-25 सीजन में पटेल ने आठ मैचों में 215 रन बनाए थे और एक अर्धशतक जड़ा था।
इस खिलाड़ी को मिलना चाहिए स्क्वाड में मौका
रिसेट प्रदर्शन और लॉन्ग तस्वीर को ध्यान में रखते हुए रविंद्र जडेजा के जगह अब अक्षर पटेल को स्क्वाड में मौका दिया जाना चाहिए। अक्षर पटेल टॉप ऑर्डर में आकर अपने बल्लेबाजी से मैच का रुख बदलने की काबिलियत रखते हैं और उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी में यह करके भी दिखाया था। इस वजह से उन्हें मौका दिया जाना चाहिए, ताकि वह लगातार भारत को अपने गेंदबाजी और बल्लेबाजी की काबिलियत से मैच जितवा सकें।