Virat Kohli Test Retirement: टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने पिछले साल टेस्ट से रिटायरमेंट लेकर सभी को हैरान कर दिया था। माना जाता था कि कोहली का सबसे पसंदीदा फॉर्मेट टेस्ट है और इसे शायद वो तभी छोड़ेंगे जब वो करियर पर विराम लगाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कोहली ने मई में आईपीएल 2025 के दौरान टेस्ट से संन्यास का ऐलान कर दिया।
हालांकि, उनके प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले जो रूट और स्टीव स्मिथ अभी भी यह फॉर्मेट खेल रहे हैं और अच्छा कर रहे हैं। अब इन सबको अच्छा करते देख पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने विराट कोहली (Virat Kohli) के टेस्ट रिटायरमेंट पर निराशा जाहिर की है।
विराट कोहली (Virat Kohli) के टेस्ट से रिटायर होने पर संजय मांजरेकर ने उठाए सवाल

एशेज के पांचवें टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी में जो रूट ने बेहतरीन शतक बनाया और इस फॉर्मेट में अपनी 41वीं सेंचुरी पूरी की। रूट के बाद, स्टीव स्मिथ ने भी कमाल किया और अपने टेस्ट करियर का 37वां शतक जड़ा। ये दोनों ही बल्लेबाज टेस्ट में 10,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं, जबकि विराट कोहली (Virat Kohli) इस आंकड़े को नहीं हासिल कर पाए और उससे पहले ही टेस्ट से रिटायर हो गए।
विराट कोहली (Virat Kohli) को टेस्ट में जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन के साथ फैब 4 में शामिल किया जाता था लेकिन कोहली इन सबसे पहले ही रिटायर हो गए। संजय मांजरेकर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया और उसमें उन्होंने कोहली के टेस्ट से रिटायर होने के फैसले पर बात की। मांजरेकर ने कहा कि कोहली ने अपनी गलती सुधारने के बजाय टेस्ट से संन्यास ले लिया और सबसे आसान फॉर्मेट वनडे में खेलना जारी रखा है।
विराट कोहली (Virat Kohli) ने समस्याओं को दूर करने का प्रयास नहीं किया
संजय मांजरेकर ने विराट कोहली को लेकर कहा,
“जैसे-जैसे जो रूट टेस्ट क्रिकेट में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, मेरा ध्यान विराट कोहली की ओर जाता है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संन्यास से पहले के पांच वर्षों में, जब वे संघर्ष कर रहे थे, उन्होंने इस बात का पता लगाने के लिए पूरी कोशिश नहीं की कि आखिर पांच वर्षों तक टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत 31 क्यों रहा। वे क्या कर सकते थे, इस पर बाद में बात करेंगे।”
मांजरेकर ने अपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा,
“लेकिन मुझे इस बात का दुख है कि जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन जैसे खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में अपना नाम बना रहे हैं। यह ठीक था, विराट कोहली ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया। लेकिन उन्होंने वनडे क्रिकेट खेलने का जो फैसला किया है, उससे मुझे और भी निराशा हुई है, क्योंकि यह एक ऐसा फॉर्मेट है जो टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के लिए सबसे आसान होता है, जैसा कि मैंने पहले भी कहा है।
असली परीक्षा तो टेस्ट क्रिकेट में ही होती है, और टी20 क्रिकेट की अपनी अलग चुनौतियां हैं। दूसरी बात यह है कि वह इतने फिट हैं, बेहद फिट हैं, तो लगता है कि शायद वह फॉर्म में वापसी के लिए संघर्ष जारी रख सकते थे। भले ही उन्हें किसी सीरीज से बाहर कर दिया जाता, वह शायद फर्स्ट क्लास क्रिकेट में जा सकते थे, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड में खेल सकते थे, भारत में और मैच खेल सकते थे, और वापसी की कोशिश कर सकते थे।”
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इस पूर्व क्रिकेटर ने यह भी कहा कि विराट कोहली (Virat Kohli) के इस फैसले से उन्हें निराशा और दुख हुआ है, क्योंकि स्मिथ, विलियमसन और रूट जैसे खिलाड़ी इस प्रारूप में लगातार बड़े रन बना रहे हैं।
विराट कोहली के टेस्ट करियर के आंकड़े
भारत के लिए विराट कोहली (Virat Kohli) ने साल 2011 में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। शुरू के कुछ सालों में कोहली का प्रदर्शन उतना खास नहीं रहा और फिर इंग्लैंड दौरा तो उनके लिए बेहद भयानक साबित हुआ। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया दौरे से उनके करियर ने नई दिशा ली और इसके बाद उन्होंने रुकने का नाम लिया।
हालांकि, फिर कोविड आया और यहां से विराट कोहली (Virat Kohli) का फॉर्म भी खराब हो गया। उनके बल्ले से बड़ी पारियां आनी बंद हो गईं। कोहली ने कुछ सालों तक संघर्ष किया लेकिन फिर दोबारा अपने पुराने रंग में नजर नहीं आए और फिर पिछले साल टेस्ट से रिटायर हो गए। विराट ने 123 टेस्ट की 210 पारियों में 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 30 शतक और 31 अर्धशतक देखने को मिले।
FAQs
विराट कोहली ने अपना टेस्ट डेब्यू कब किया था?
टेस्ट में विराट कोहली के नाम कितने रन दर्ज हैं?
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