Cricket: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम काफी समय बाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कमाल का प्रदर्शन करते नजर आई। इस टीम के प्रदर्शन से कई टीमें डरी हुई थीं और उम्मीद लगाई जा रही थी कि ये टीम चैंपियन भी बन सकती है। हालांकि इंडिया ने ऐसा होने नहीं दिया।
लेकिन इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। दरअसल, वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम (West Indies Cricket Team) के खिलाड़ी मैच फिक्सिंग में लिप्त पाए गए हैं, जिस वजह से उन पर काफी सख्त एक्शन लिए गए हैं।
West Indies के खिलाड़ी समेत इन लोगों पर लगा Ban

बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने टीम के अधिकारियों चित्रंजन राठौड़ और ट्रेवन ग्रिफिथ के साथ-साथ वेस्टइंडीज के खिलाड़ी जावोन सियरल्स पर क्रिकेट वेस्टइंडीज (सीडब्ल्यूआई) और आईसीसी के भ्रष्टाचार विरोधी नियमों के उल्लंघनों का आरोप लगाया है।
इन तीनों पर बिम10 टूर्नामेंट 2023/24 से संबंधित आरोप हैं, जो कि वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के भ्रष्टाचार-विरोधी संहिता के अंतर्गत आते हैं। यही नहीं बल्कि ग्रिफिथ पर इंटरनेशनल मैचों से संबंधित एक आरोप है, जो आईसीसी भ्रष्टाचार-विरोधी संहिता के अंतर्गत आता है। जबकि टाइटन्स टीम के मालिक राठौड़ पर क्रिकेट वेस्टइंडीज संहिता के तहत तीन आरोप हैं। सियरल्स और ग्रिफिथ पर पर चार-चार आरोप हैं।
Javon Searles and two other officials have been suspended under ICC’s anti-corruption code from all cricket with immediate effect. pic.twitter.com/vqKiCC7Ayd
— Cricbuzz (@cricbuzz) March 12, 2026
दी गई है 14 दिनों की मौहलत
मालूम हो कि चित्रंजन राठौड़, ट्रेवन ग्रिफिथ और जावोन सियरल्स को तत्काल प्रभाव से सभी प्रकार के क्रिकेट से अस्थायी रूप से ससपेंड कर दिया गया है और उन्हें 14 दिनों की मौहलत दी है है। आईसीसी ने बताया है कि तीनों को 11 मार्च 2026 से 14 दिनों के अंदर-अंदर आरोपों का जवाब देना होगा।
यह भी ज्ञात हो कि ये आरोप एक व्यापक जाँच का ही विस्तार हैं, जिसके तहत 28 जनवरी को USA के खिलाड़ी आरोन जोन्स पर CWI और ICC के भ्रष्टाचार-रोधी नियमों के पाँच उल्लंघनों का आरोप लगाया गया था।
तीनों पर इन अपराधों का लगाया गया है आरोप
बताते चलें कि इन तीनों लोगों पर क्रिकेट वेस्टइंडीज संहिता के अनुच्छेद 2.1.1, अनुच्छेद 2.1.4, अनुच्छेद 2.4.4, अनुच्छेद 2.4.2 और अनुच्छेद 2.4.7 के उल्लंघन का आरोप लगा है।
साफ-साफ शब्दों में कहा जाए तो इन खिलाड़ियों पर मैच फिक्सिंग करने, दूसरे खिलाड़ियों को फिक्सिंग के लिए उकसाने, साथ ही साथ जांच में सहयोग न करने के आरोप लगे हैं। यानी इन्होंने न सिर्फ फिक्सिंग की बल्कि दूसरे खिलाड़ियों को फिक्सिंग के लिए उकसाया भी और बाद में मामला सामने आने पर इसे छुपाने की भी भरपूर कोशिश की।