Vijay Hazare Trophy History: भारत को क्रिकेट प्रधान देश कहा जाता है। यहां पर क्रिकेट के लिए लोगों में बहुत ही ज्यादा क्रेज है। इसी वजह से हर गली-मोहल्ले में आपको छोटे से लेकर बड़े तक, यह खेल खेलते दिख जाएंगे। बीसीसीआई भी क्रिकेट का बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है और उसने घरेलू स्तर पर कई टूर्नामेंट जारी रखे हैं।
इनमें से एक टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) के नाम से जाना जाता है, जिसका आयोजन अभी हो रहा है। आज हम आपको इस टूर्नामेंट का पूरा इतिहास बताते हैं कि इसकी शुरुआत कब हुई और किसके नाम पर यह खेला जाता है। वहीं, अभी तक किन कितनी बार बाजी मारी है।
विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) क्या है?

बीसीसीआई के द्वारा हर सीजन विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) का आयोजन किया जाता है। यह एक लिस्ट ए टूर्नामेंट है यानी इसमें मुकाबले 50 ओवर के फॉर्मेट में खेले जाते हैं। इस टूर्नामेंट में भी वे सभी टीमें भाग लेती हैं, जो रणजी ट्रॉफी में शामिल होती हैं। पहले विजय हजारे ट्रॉफी में क्षेत्रीय स्तर पर टीमें भाग लेती थी लेकिन अब राज्य स्तर पर 38 टीमों को जगह मिलती है। इसमें खेलकर खिलाड़ियों को अपना हुनर दिखाने का मौका मिलता हैं। वहीं, काफी सारे खिलाड़ी इस टूर्नामेंट के माध्यम से टीम इंडिया के लिए भी खेल चुके हैं।
इसी वजह से विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) को भारत के घरेलू स्तर का बहुत ही अहम टूर्नामेंट माना जाता है। मौजूदा समय में टूर्नामेंट का 33वां संस्करण खेला जा रहा है, जिसमें सेमीफाइनल मुकाबले जारी हैं। पहला सेमीफाइनल विदर्भ ने जीता और कर्नाटक को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। जबकि दूसरा सेमीफाइनल आज सौराष्ट्र और पंजाब के बीच खेला जाएगा। इसमें से जो भी टीम विजेता होगी, उसे 18 जनवरी को विदर्भ के खिलाफ खेलना होगा और इसमें जो भी टीम जीत हासिल करेगी, इस बार की ट्रॉफी उसके नाम हो जाएगी।
टूर्नामेंट का नाम कैसे पड़ा विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy)?
आपको यह जानकार हैरानी हो सकती है कि विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) का नाम पहले यह नहीं था। इस टूर्नामेंट को पहले रणजी वनडे ट्रॉफी के नाम से जाना जाता था और इसकी शुरुआत 1993-94 में हुई थी। पहले संस्करण के बाद, यह टूर्नामेंट घरेलू स्तर का अहम हिस्सा बन गया और फिर बीसीसीआई इसका आयोजन हर सीजन करवाने लगा।
यह टूर्नामेंट 2002-03 में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने लगी, जिसमें हर साल नॉकआउट चरण के बाद एक राष्ट्रीय चैंपियन चुना जाता है। हालांकि, 2007-08 संस्करण के लिए, इसका नाम विजय हजारे के सम्मान में बदल दिया गया, जो भारतीय क्रिकेट को बदलने में एक खिलाड़ी के तौर पर अहम भूमिका निभाने वाले रहे। भारत की पहली टेस्ट जीत भी विजय हजारे की कप्तानी में ही आई थी। उन्होंने अपने करियर में 30 टेस्ट खेले। वहीं, बतौर कप्तान 14 टेस्ट मैचों में टीम को लीड किया। इस दिग्गज के सम्मान में ही बीसीआई ने रणजी वनडे ट्रॉफी का नाम बदलकर विजय हजारे ट्रॉफी रख दिया।
विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) का खिताब जीतने वाली टीमों की पूरी जानकारी
| क्रम | टीम | खिताब |
|---|---|---|
| 1 | कर्नाटक | 5 |
| 2 | तमिलनाडु | 5 |
| 3 | मुंबई | 4 |
| 4 | सौराष्ट्र | 2 |
| 5 | गुजरात | 1 |
| 6 | बंगाल | 1 |
| 7 | दिल्ली | 1 |
| 8 | झारखंड | 1 |
| 9 | हिमाचल प्रदेश | 1 |
| 10 | हरियाणा | 1 |
| 11 | उत्तर प्रदेश | 1 |
| 12 | रेलवे | 1 |
ऊपर दी गई जानकारी के अनुसार, विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास की दो सबसे सफल टीमें तमिलनाडु और कर्नाटक हैं। वहीं, इसके बाद मुंबई का नाम आता है। हालांकि, 2025-26 के संस्करण में सिर्फ कर्नाटक ही टॉप 4 में जगह बना सकी लेकिन उसका सफर भी सेमीफाइनल में ही समाप्त हो गया।