Yuzvendra Chahal first class cricket batting record: हरियाणा के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के लिए उनका प्रदर्शन बहुत ही उम्दा रहा है। वहीं कई सालों तक उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए भी अपना जलवा दिखाया।
चहल अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर 2019 वर्ल्ड कप खेलने में भी कामयाब रहे थे। लेकिन इसके बाद से उनके इंटरनेशनल करियर में गिरावट देखने को मिली और फिलहाल वह किसी भी फॉर्मेट में टीम इंडिया का हिस्सा नहीं हैं। युजवेंद्र चहल को लेकर यह मान्यता है कि उन्हें बल्लेबाजी करना नहीं आता है। इसी वजह से चहल को सबसे आखिरी में ही टीम द्वारा बल्लेबाजी के लिए भेजा जाता है। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में चहल ने मौका मिलने पर बल्ले से भी कमाल किया है और उनका रिकॉर्ड काफी असरदार है।
Yuzvendra Chahal रणजी में 400 से ज्यादा रन बना चुके हैं
भारत के घरेलू क्रिकेट में रेड बॉल का प्रमुख टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी है। युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) भी इसमें अपनी घरेलू टीम हरियाणा के लिए खेलते हैं। चहल ने साल 2009 में हरियाणा के लिए अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी।
वैसे तो चहल का करियर ज्यादातर व्हाइट बॉल गेंदबाज के रूप में ही देखा जाता रहा है लेकिन उन्होंने बीच-बीच में रणजी में भी खेला। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में चहल ने बल्लेबाजी में 44 मैचों की 61 पारियों में 445 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 56 चौके और 2 छक्के भी आए हैं। वहीं गेंदबाजी में उन्होंने 127 विकेट चटकाए हैं।
दो साल से Yuzvendra Chahal को नहीं मिला इंडिया के लिए खेलने का मौका
एक समय सीमित ओवरों की क्रिकेट में भारतीय टीम के स्पिन विभाग की कल्पना युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) के बिना करना असंभव था लेकिन अब कहानी बदल गई है। चहल को लंबे समय से प्लेइंग 11 में नहीं शामिल किया गया है और अब वह स्क्वाड में भी नहीं चुने जाते हैं। चहल को आखिरी बार 2024 टी20 वर्ल्ड कप के लिए चुना गया था लेकिन यह लेग स्पिनर पूरे टूर्नामेंट बेंच पर ही रहा।
भारत के लिए चहल ने अपना आखिरी मैच 2023 में खेला था। इसके बाद से ही उन्हें ना तो वनडे और ना ही टी20 मैच के लिए प्लेइंग 11 में चुना गया। अब उन्हें दोबारा मौका मिलेगा, इसकी संभावना भी बेहद कम ही नजर आ रही है।
इंटरनेशनल क्रिकेट में Yuzvendra Chahal का प्रदर्शन कैसा रहा है?
आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए कई सीजन तक चमक बिखेरने के बाद, 2016 में युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) की लॉटरी लग गई और वह भारत के लिए डेब्यू करने में कामयाब रहे। उन्होंने उस साल जिम्बाब्वे दौरे पर अपना वनडे और टी20 डेब्यू किया। इसके बाद, कुछ ही समय में वह स्पिन विभाग में अहम कड़ी बन गए और कुलदीप यादव के साथ उनकी जोड़ी ‘कुलचा’ नाम से काफी फेमस भी हुई।
चहल ने भारत के लिए 72 मैच खेले और इस दौरान 27.13 की औसत से 121 विकेट अपने नाम किए। इस दौरान उन्होंने दो बार पारी में 5 विकेट भी झटके। वहीं बल्लेबाजी में उनके बल्ले से 77 रन आए। टी20 इंटरनेशनल में चहल ने 80 मैचों में 25.09 की औसत से 96 विकेट चटकाने में सफलता हासिल की। वहीं बल्लेबाजी में सिर्फ 6 रन ही बनाए।