IPL: आईपीएल 2024 (IPL 2024) के सीजन शुरू होने में अभी लगभग 1 महीने का समय बाकि है। इसी बीच पाकिस्तान में भी 17 फरवरी से पीएसएल (PSL) का सीजन शुरू होने वाला है।
ऐसे तो लगभग सभी क्रिकेट समर्थको को इस बात की जानकारी है कि आईपीएल (IPL) पीएसएल के मुताबिक कई गुणा बड़ा होने के साथ-साथ हर तरीके से दुनिया की बेस्ट टी20 लीग में से एक है लेकिन उसके बावजूद कई क्रिकेट समर्थक आईपीएल (IPL) और पीएसएल (PSL) को एक जैसा ही मानते है। ऐसे में आज हम आपको 5 ऐसे कारण से अवगत कराने वाले है। जिसके माध्यम से आपको भी पता चल जाएगा कि पीएसएल (PSL) आईपीएल (IPL) की किसी भी तरीके से बराबरी नहीं कर सकता है।
5 कारण जो आईपीएल को पीएसएल से बनाते है बेहतर लीग

खिलाड़ियों को मिलते है अधिक पैसे
आज के समय फ्रेंचाइजी क्रिकेट दुनिया के हर देश में खेली जा रही हैं लेकिन उसके बावजूद जितने पैसे आईपीएल (IPL) के एक सीजन खेलने के लिए खिलाड़ियों को मिलते है। उतने पैसे काफी बार कुछ खिलाड़ी दुनिया की सभी बड़ी लीग जिसमें पीएसएल (PSL) भी शामिल होता है। अगर वो भी खेल ले तो नही कमा सकता है।
ऐसा इसलिए है क्योंकि आईपीएल में खिलाड़ियों के नाम पर बोली लगती है वहीं पीएसएल में खिलाड़ियों को ड्राफ्ट के तौर पर शामिल किया जाता है। पीएसएल (PSL) में प्लेटिनियम कैटेगरी के खिलाड़ी को एक सीजन खेलने के लिए 3.4 करोड़ पाकिस्तानी रुपये मिलते है, जो अगर इंडियन करेंसी की बात करे तो करीब 1.2 करोड़ बनते है। वहीं आईपीएल ऑक्शन 2024 (IPL Auction 2024) के सबसे महंगे खिलाड़ी मिचेल स्टार्स को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम ने 24.75 करोड़ को राशि देकर अपनी टीम में शामिल किया है। ऐसे में खिलाड़ियों के खेलने के पैसे की तुलना करें तो आईपीएल (IPL) पीएसएल से काफी आगे दिखाई देता है।
अधिक विनिंग प्राइस
आईपीएल 2024 (IPL 2024) के सीजन में जो भी फ्रेंचाइजी ट्रॉफी जीतेगी उन्हे 20 करोड़ रुपये की प्राइस मनी प्रदान की जाएगी वहीं पीएसएल के विनर को इस सीजन में 3.5 करोड़ रुपये मिलते है। चैंपियन टीम को टूर्नामेंट जीतने के बाद दिए का रहे प्राइस मनी की भी तुलना करते है तो आईपीएल पीएसएल से कोशो आगे दिखाई देता है। प्राइस मनी की तुलना इससे कर सकते है कि आईपीएल (IPL) का एक सीजन जीतने के लिए टीम को जितना मिलता है उतना पैसा कितने के लिए पीएसएल (PSL) चैंपियन टीम को लगभग 6 बार चैंपियन बनाना होगा।
टाइटल स्पॉन्सर के आधार पर
पीएसएल (PSL) की शुरुआत साल 2015 में हुई थी। तब से लेकर अब तक पीएसएल का टाइटल स्पॉन्सर HBL है। HBL ने साल 2025 तक के पीएसएल सीजन के टाइटल स्पॉन्सर बनने के लिए प्रति वर्ष पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को पाकिस्तानी रुपये 391.7 करोड़ देना होता है।
वहीं दूसरी तरफ आईपीएल (IPL) की बात करे तो इसकी शुरुआत साल 2008 में हुई थी और इस समय आईपीएल का टाइटल स्पॉन्सर TATA है। TATA ने साल 2027 तक के लिए आईपीएल का टाइटल स्पॉन्सर प्राप्त किया है। जिसके लिए TATA को प्रति वर्ष बीसीसीआई (BCCI) को इंडियन रुपये में 500 करोड़ रुपये देना होता है। अगर हम दोनो की तुलना करे तो टाइटल स्पॉन्सर के मामले में भी आईपीएल (IPL) पीएसएल से काफी आगे दिखाई देता है।
मीडिया राइट्स के आधार पर
आईपीएल (IPL) के मीडिया राइट्स मौजूदा समय में दो मीडिया ग्रुप के पास है। टेलीविजन मीडिया राइट्स स्टार इंडिया के पास है वहीं डिजिटल मीडिया राइट्स Viacom 18 के पास मौजूद है। आईपीएल के 2023 सीजन से लेकर आईपीएल के 2027 सीजन तक के मीडिया राइट्स बिक चूके है। मीडिया राइट्स के माध्यम से मौजूदा समय में बीसीसीआई (BCCI) को प्रति मैच 107 करोड़ रुपये की कमाई होती है।
दूसरी तरफ पाकिस्तान प्रीमियर लीग (PSL) की बात करे तो साल 2024 और 2025 के दोनो सीजन के मीडिया राइट्स को Ary Technologies ने 186 करोड़ में खरीदा है। ऐसे में यह पीएसएल के सीजन का मीडिया राइट्स करीब 93 करोड़ में बिका है। वहीं आईपीएल में बीसीसीआई (BCCI) को एक मैच के लिए मीडिया हाउस से करीब 106 करोड़ रुपये हासिल होते है। मीडिया राइट्स के दाम में फ़र्क से ही मालूम चल जाता है कि आईपीएल के सामने इस समय पीएसएल मीडिया राइट्स के मामले में भी काफी पीछे दिखाई देता है।
बजट के आधार पर
आईपीएल (IPL) के एक सीजन का आयोजन करने के लिए बीसीसीआई 12 बिलियन डॉलर खर्च करती है वहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पीएसएल का एक सीजन कराने के लिए 130 मिलियन डॉलर खर्च करती है। अगर आप आईपीएल (IPL) क्रिकेट की हर फ्रेंचाइजी के टीम पर्स की बात करे तो वो करीब 12.5 मिलियन डॉलर का होता है.
पीएसएल (PSL) में एक टीम के पास 1.2 मिलियन डॉलर का टीम पर्स मौजूद होता है। जिसके चलते काफी बार पाकिस्तान क्रिकेट लीग में दुनिया के कुछ वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी कम पैसे मिलने के चक्कर में पाकिस्तान प्रीमियर लीग में खेलने से मना कर देते है। जिसके चलते पाकिस्तान प्रीमियर लीग (PSL) की ब्रांड वैल्यू भी काफी कम हो जाती है।