Ben Duckett : आईपीएल 2026 के आगाज से ठीक पहले इंग्लैंड के खिलाड़ियों को लेकर एक बार फिर चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग में खेलने का सपना जहां अधिकतर क्रिकेटरों के लिए खास मायने रखता है, वहीं कुछ इंग्लिश खिलाड़ी लगातार इससे दूरी बना रहे हैं।
बेन डकेट (Ben Duckett) के बाद अब जेमी स्मिथ और जोश टंग ने भी रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर आईपीएल से जुड़ने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। यह घटनाक्रम इस बात का संकेत देता है कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं और वे फ्रेंचाइजी क्रिकेट से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट को महत्व दे रहे हैं।
Ben Duckett के फैसले से शुरू हुआ सिलसिला

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत बेन डकेट (Ben Duckett) के फैसले से हुई, जिन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपना करार तोड़कर आईपीएल 2026 से हटने का निर्णय लिया। डकेट ने अपने इस कदम के पीछे फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और परिवार के साथ समय बिताने की जरूरत को मुख्य कारण बताया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह रेड-बॉल क्रिकेट पर फोकस करना चाहते हैं ताकि इंग्लैंड की टेस्ट टीम में अपनी जगह को मजबूत कर सकें। डकेट का यह फैसला केवल व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि इसने अन्य इंग्लिश खिलाड़ियों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया कि उन्हें अपनी प्राथमिकताएं कैसे तय करनी चाहिए।
जेमी स्मिथ और जोश टंग ने भी किया इनकार
डकेट के बाद जेमी स्मिथ और तेज गेंदबाज जोश टंग को आईपीएल 2026 में रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल होने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन दोनों खिलाड़ियों ने इसे ठुकरा दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये खिलाड़ी अगले कुछ महीनों तक इंग्लैंड में रहकर खुद को तरोताजा रखना चाहते हैं।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वे काउंटी क्रिकेट में हिस्सा लेंगे या नहीं, लेकिन उनका फैसला यह दर्शाता है कि वे अपनी फिटनेस और लंबे करियर को प्राथमिकता दे रहे हैं। इन दोनों खिलाड़ियों का आईपीएल से दूर रहना उन फ्रेंचाइजियों के लिए भी झटका है, जो उन्हें अपनी टीम में शामिल करना चाहती थीं।
फ्रेंचाइजियों की योजनाओं पर पड़ा असर
अगर ये खिलाड़ी उपलब्ध होते, तो कई टीमों की रणनीति बदल सकती थी। दिल्ली कैपिटल्स को बेन डकेट के जाने के बाद एक आक्रामक बल्लेबाज की तलाश थी, जिसमें जेमी स्मिथ एक मजबूत विकल्प बन सकते थे।
वहीं जोश टंग की तेज गेंदबाजी कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमों के लिए उपयोगी साबित हो सकती थी। इन खिलाड़ियों के इनकार के बाद टीमों को अब नए विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी योजनाओं पर सीधा असर पड़ा है।
ईसीबी की नीतियां और बदलती प्राथमिकताएं
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड की नई वित्तीय नीतियां भी इस बदलाव की बड़ी वजह मानी जा रही हैं। बोर्ड अपने खिलाड़ियों को मल्टी-ईयर सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के जरिए आर्थिक सुरक्षा दे रहा है, जिससे उन्हें फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं रह गई है।
इसके अलावा ‘द हंड्रेड’ जैसे घरेलू टूर्नामेंट्स से भी खिलाड़ियों को अच्छी कमाई हो रही है। यही कारण है कि अब इंग्लिश खिलाड़ी आईपीएल की मोटी रकम के बावजूद अपने करियर और वर्कलोड मैनेजमेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे भविष्य में भी ऐसे फैसले देखने को मिल सकते हैं।
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