Vaibhav Suryavanshi U19 World Cup debut : महज 14 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट में चर्चा का केंद्र बने वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने अपने पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप मुकाबले में USA के खिलाफ ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए। ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में उतरे सूर्यवंशी सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए।
हालांकि एक मैच के प्रदर्शन से किसी युवा खिलाड़ी की काबिलियत पर सवाल उठाना जल्दबाजी होगी, लेकिन इस पारी के बाद उनके चयन को लेकर बहस तेज हो गई है। खासकर तब, जब पूर्व भारतीय महिला टीम कोच WV रमन ने इसे जल्दबाजी भरा फैसला करार दिया है।
कम उम्र में बड़ी पहचान बना चुके हैं Vaibhav Suryavanshi
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने बहुत ही कम समय में एज-ग्रुप क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। घरेलू A सीरीज में शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ वह पहले ही इंडियन प्रीमियर लीग से भी जुड़ चुके हैं, जो अपने आप में असाधारण उपलब्धि मानी जाती है।
उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास, तकनीक और आक्रामकता साफ नजर आती है। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने उन्हें इतनी कम उम्र में अंडर-19 विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उतारने का फैसला किया।
WV रमन की असहमति और बड़ी तस्वीर
WV रमन का मानना है कि सूर्यवंशी का टैलेंट असाधारण जरूर है, लेकिन अंडर-19 स्तर पर उन्हें उतारना उनके दीर्घकालिक विकास के लिए नुकसानदायक हो सकता है। रमन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सूर्यवंशी मैच जिताने की क्षमता रखते हैं, लेकिन क्रिकेट में हमेशा बड़ी तस्वीर देखनी चाहिए।
उनका इशारा इस ओर था कि इतनी कम उम्र में वर्ल्ड कप का दबाव झेलना एक युवा खिलाड़ी पर मानसिक असर डाल सकता है, खासकर तब जब आगे उसके पास इसी स्तर पर खेलने के ज्यादा मौके नहीं होंगे।
This could be an unpopular opinion. #Suryavanshi has performed extremely well in the A series and the IPL. Making him play at the U-19 level is likely to be detrimental to his growth. He may win matches no doubt, but it should be always be about the big picture! #indiancricket
— WV Raman (@wvraman) January 15, 2026
BCCI की नीति और सीमित मौके
BCCI की नीति के अनुसार कोई भी खिलाड़ी केवल एक बार ही अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा ले सकता है। इसका मतलब यह है कि सूर्यवंशी भविष्य में इस मंच पर दोबारा खुद को साबित नहीं कर पाएंगे।
बोर्ड का तर्क है कि इस अनुभव से उनका विकास तेज होगा, लेकिन आलोचकों का मानना है कि यह अनुभव सही समय पर मिलना ज्यादा जरूरी होता है, न कि जल्द।
USA के खिलाफ मैच का पूरा घटनाक्रम
जहां सूर्यवंशी बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए, वहीं भारत की गेंदबाजी ने मैच का रुख तय कर दिया। तेज गेंदबाज हेनिल पटेल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 ओवर में 5/16 के आंकड़े दर्ज किए और USA को 35.2 ओवर में 107 रन पर समेट दिया। बारिश के बाद DLS मेथड से भारत को 37 ओवर में 96 रन का लक्ष्य मिला।
इसके जवाब में अभिज्ञान कुंडू ने 41 गेंदों में नाबाद 42 रन बनाकर टीम को आसान जीत दिलाई और भारत ने ICC अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की।
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FAQS
आईपीएल में वैभव सूर्यवंशी किस टीम का हिस्सा हैं ?