New Zealand squad changes for India T20 series : भारत के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज से पहले न्यूज़ीलैंड (New Zealand) क्रिकेट टीम में अहम बदलाव देखने को मिला है। सीरीज के पहले तीन मुकाबलों के लिए चयनकर्ताओं ने युवा तेज गेंदबाज क्रिस्टियन क्लार्क को टीम में शामिल किया है।
यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब टीम चोटों और वर्कलोड मैनेजमेंट जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। नागपुर में शुरू होने वाली इस सीरीज को लेकर न्यूज़ीलैंड (New Zealand) प्रबंधन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता, खासकर गेंदबाजी विभाग में।
क्रिस्टियन क्लार्क का शानदार प्रदर्शन बना चयन की वजह

क्रिस्टियन क्लार्क ने अपनी पहली वनडे सीरीज में ही चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में उन्होंने कुल सात विकेट चटकाए और सीरीज के सबसे सफल गेंदबाज रहे।
खास बात यह रही कि उन्होंने विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज को दो बार पवेलियन भेजा। उनकी लाइन-लेंथ, गेंद में उछाल और दबाव में विकेट निकालने की क्षमता ने न्यूज़ीलैंड (New Zealand) टीम को एक भरोसेमंद विकल्प दिया है। इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें टी20 टीम में जगह मिलने के रूप में मिला।
कोच रॉब वाल्टर की रणनीति और वर्कलोड मैनेजमेंट
हेड कोच रॉब वाल्टर ने साफ किया कि क्लार्क को शामिल करने का मुख्य उद्देश्य गेंदबाजी में कवर तैयार रखना है। उन्होंने बताया कि टीम अपने तेज गेंदबाजों के वर्कलोड को लेकर काफी सतर्क है।
लगातार अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलने के कारण खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में युवा और फिट गेंदबाजों को मौका देकर टीम संतुलन बनाए रखना चाहती है। वाल्टर के अनुसार, भारत दौरा क्लार्क के लिए सीखने और खुद को साबित करने का बेहतरीन अवसर है।
चोटों ने बढ़ाई न्यूज़ीलैंड की चिंता
न्यूज़ीलैंड (New Zealand) टीम को इस समय चोटों से भी जूझना पड़ रहा है। ऑलराउंडर माइकल ब्रेसवेल को इंदौर में खेले गए आखिरी वनडे मुकाबले के दौरान फील्डिंग करते समय बाएं पैर की पिंडली में हल्का खिंचाव आ गया था।
न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के अनुसार उनका इलाज जारी है और आने वाले दिनों में उनकी उपलब्धता पर फैसला लिया जाएगा। इससे टीम मैनेजमेंट की चिंता और बढ़ गई है।
तेज गेंदबाजी आक्रमण में लगातार बदलाव
मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। तेज गेंदबाज एडम मिल्ने भी SA20 लीग के दौरान बाएं हैमस्ट्रिंग में चोटिल हो गए हैं। इस चोट के चलते उनका भी आकलन किया जा रहा है। ऐसे हालात में न्यूज़ीलैंड के लिए पेस बॉलिंग विकल्पों की गहराई बेहद जरूरी हो जाती है।
टीम में खिलाड़ियों का लगातार आना-जाना, कुछ का चोट से वापसी करना और कुछ का सीधे फ्रेंचाइजी क्रिकेट से जुड़ना, इस सीरीज को और भी चुनौतीपूर्ण बना रहा है। ऐसे में क्रिस्टियन क्लार्क जैसे गेंदबाज का शामिल होना टीम को जरूरी संतुलन और राहत प्रदान करता है।