Indian cricket player chicken mutton diet : क्रिकेट हो या कोई भी प्रोफेशनल खेल, एथलीट अपनी फिटनेस, स्टेमिना और रिकवरी को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं। डाइट इस पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा होती है। कोई खिलाड़ी सख्त वेज डाइट को फॉलो करता है तो कोई हाई-प्रोटीन नॉन-वेज खाने को अपनी ताकत मानता है।
भारतीय क्रिकेट में भी ऐसे कई उदाहरण देखने को मिले हैं। इन्हीं में एक नाम ऐसा है, जिसकी खाने की पसंद अक्सर चर्चा का विषय बन जाती है। यह खिलाड़ी कथित तौर पर बिना मांस के डिनर करने में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं रखता और अगर खाने में चिकन या मटन (Mutton) न हो, तो वह टेबल से उठ जाना बेहतर समझता है।
Mutton प्रेम के लिए मशहूर हैं यह खिलाड़ी
जिस भारतीय क्रिकेटर की यहां बात हो रही है, वह कोई और नहीं बल्कि भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी हैं। शमी अपनी रफ्तार, सीम मूवमेंट और बड़े मैचों में विकेट निकालने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
मैदान पर जितने आक्रामक वह गेंदबाजी में नजर आते हैं, उतने ही साफ और सीधे उनकी खाने की पसंद को लेकर किस्से सामने आते रहे हैं। शमी को नॉन-वेज, खासकर मटन (Mutton) बेहद पसंद है और कहा जाता है कि यही उनकी डाइट का अहम हिस्सा है।
दोस्त ने किया डाइट का खुलासा
शमी की इस आदत का खुलासा उनके करीबी दोस्त उमेश कुमार ने किया था। पत्रकार शुभंकर मिश्रा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान उमेश ने बताया था कि शमी मटन (Mutton) के बिना खाना लगभग अधूरा मानते हैं।
उनके अनुसार, शमी कई चीजों से समझौता कर सकते हैं, लेकिन मटन छोड़ना उनके लिए बेहद मुश्किल है। अगर एक दिन मटन न मिले तो वह किसी तरह एडजस्ट कर लेते हैं, लेकिन लगातार दो-तीन दिन ऐसा हो जाए तो उनके मूड में साफ फर्क नजर आने लगता है।
मज़ाक में छुपा फिटनेस का राज
उमेश कुमार ने बातचीत के दौरान मज़ाकिया अंदाज़ में यह भी कहा था कि शमी को रोज़ाना करीब एक किलो मटन चाहिए। उन्होंने हंसते हुए यह तक जोड़ दिया कि अगर मटन न मिले तो शमी की गेंदबाजी की रफ्तार तक कम हो सकती है।
भले ही यह बात मज़ाक में कही गई हो, लेकिन इससे यह साफ झलकता है कि शमी अपनी डाइट को कितनी अहमियत देते हैं। तेज गेंदबाजों के लिए प्रोटीन और ताकत बेहद जरूरी होती है, और शमी के लिए नॉन-वेज खाना उसी जरूरत को पूरा करता है।
चोट, संघर्ष और वापसी की कहानी
मार्च 2025 के बाद से शमी टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। उनका आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 2025 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल था, जहां उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया और 9 विकेट लिए।
इसके बाद उन्हें भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया , घरेलू क्रिकेट में अपनी फॉर्म और फिटनेस साबित करने के बावजूद भी उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में शामिल नहीं किया गया।
मैंदान पर वह वापसी की कोशिश कर रहे है और मैदान के बाहर, उनका पसंदीदा नॉन-वेज मेन्यू शायद पहले की तरह ही उनकी दिनचर्या का हिस्सा बना हुआ है।
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