IPL cricketer controversy with wife : पूर्व IPL क्रिकेटर एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका खेल नहीं बल्कि पारिवारिक विवाद है। उनकी पत्नी गरिमा तिवारी ने कानपुर की अदालत में याचिका दायर कर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामला दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और वैवाहिक दुर्व्यवहार जैसे आरोपों से जुड़ा है, जिसने क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और आरोपों की सत्यता का फैसला कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ रिश्ता और शादी
हम जिस IPL क्रिकेटर की बात कर रहे हैं , वह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि पूर्व लेग स्पिन गेंदबाज़ अमित मिश्रा हैं। दरअसल उनकी पत्नी गरिमा तिवारी कानपुर की निवासी हैं और पेशे से मॉडल बताई जाती हैं। उन्होंने अदालत में दिए गए अपने बयान में कहा है कि उनकी मुलाकात अमित मिश्रा से वर्ष 2019 में इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी।
ऑनलाइन बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर दोनों रिश्ते में आ गए। करीब ढाई से तीन साल तक संबंध में रहने के बाद 26 अप्रैल 2021 को कानपुर क्लब में दोनों ने शादी की। शुरुआती समय में सब सामान्य रहा, लेकिन गरिमा का आरोप है कि शादी के तुरंत बाद रिश्तों में तनाव शुरू हो गया।
दहेज उत्पीड़न और पारिवारिक प्रताड़ना के आरोप
याचिका के अनुसार, गरिमा ने आरोप लगाया है कि विदाई से पहले ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग की गई थी। उनके मुताबिक ससुराल वालों ने होंडा सिटी कार और 10 लाख रुपये की मांग रखी थी। परिवार की ओर से समझौते के बाद कथित रूप से करीब ढाई लाख रुपये की व्यवस्था की गई, जिसके बाद विदाई संभव हो सकी।
गरिमा का दावा है कि शादी के बाद भी दहेज की मांग और ताने जारी रहे। उन्होंने सास बीना मिश्रा, ससुर शशिकांत मिश्रा और अन्य पारिवारिक सदस्यों पर भी मानसिक दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। यह सभी आरोप शिकायतकर्ता के न्यायालय में दिए गए कथनों पर आधारित हैं।
शारीरिक, मानसिक और वैवाहिक दुर्व्यवहार के आरोप
गरिमा तिवारी ने अपने पति पर गंभीर व्यक्तिगत आरोप भी लगाए हैं। उनके अनुसार अमित मिश्रा कथित रूप से शराब पीकर मारपीट करते थे और कई बार उन्हें भोजन तक नहीं दिया जाता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीमारी के दौरान भी जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर कथित तौर पर हिंसा की गई।
गरिमा ने यह दावा भी किया कि उनकी मॉडलिंग से होने वाली कमाई उनसे लेकर दूसरे खाते में ट्रांसफर करवाई जाती थी। याचिका में यह भी आरोप शामिल है कि पति के अन्य महिलाओं से संबंध थे और फोन कॉल व चैटिंग के जरिए संपर्क बनाए जाते थे। शिकायत में इन आरोपों का उल्लेख है, जिनकी जांच अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
कानूनी कार्रवाई और कोर्ट में चल रही प्रक्रिया
गरिमा तिवारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनका आरोप है कि प्रभावशाली पहचान के कारण कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। उनके वकील करीम अहमद के अनुसार, पीड़िता ने शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक उत्पीड़न झेला है। केस की टाइमलाइन के अनुसार, अप्रैल 2025 में घरेलू हिंसा और भरण-पोषण से जुड़े मामले दायर किए गए, जिनमें मासिक गुजारा भत्ता और एक करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की गई।
मार्च 2026 में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने पर दहेज उत्पीड़न और अन्य धाराओं में एक और परिवाद दाखिल किया गया। मामला वर्तमान में अदालत में लंबित है और दोनों पक्षों की दलीलों व साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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