Vaibhav Suryavanshi: आईपीएल को दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग के अलावा बहुत प्रतिस्पर्धी भी माना जाता है। इसमें दुनिया भर के बेस्ट खिलाड़ी खेलते हैं और उनके बीच खुद की छाप छोड़ पाना आसान काम नहीं होता लेकिन वैभव सूर्यवंशी के लिए मामला काफी आसान रहा। 14 साल के वैभव ने पिछले आईपीएल सीजन दिखाया कि उनके अंदर क्या काबिलियत है।
वहीं, इस बार के सीजन को लेकर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने कहा कि उनका इरादा 2000 से 3000 रन बनाने का है। हालांकि, वास्तविक तौर पर यह संभव नहीं है, लेकिन अगर वो ऐसा कर भी देते हैं तो उनका 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में खेलना तय नहीं है। इसके पीछे एक बड़ी वजह सामने आई है।
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को वनडे वर्ल्ड कप में क्यों नहीं मिल सकती जगह?

आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि अभी तो 2027 वर्ल्ड कप में समय है और अगर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) रनों का अंबार लगाने में कामयाब रहे तो फिर क्यों उन्हें नहीं चुना जाएगा। तो इसके पीछे की अहम वजह BCCI द्वारा संभावित खिलाड़ियों का चयन है। पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए चयन समिति ने 20 खिलाड़ियों को टारगेट कर लिया है और अब इनके ऊपर ही दांव लगा जाएगा। वहीं, IPL 2026 के दौरान प्रत्येक खिलाड़ी के प्रदर्शन पर भी नज़र रखी जाएगी।
इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए BCCI की नजर किसी भी नए खिलाड़ी पर नहीं है। यानी बोर्ड उन्हीं भरोसेमंद खिलाड़ियों के साथ जाना चाह रहा है, जो संभावित के रूप में चुने गए हैं और पिछले कुछ से टीम इंडिया के वनडे सेट-अप का हिस्सा रहे हों। इसी वजह से वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) के लिए कोई भी संभावना नहीं नजर आ रही है, क्योंकि उन्होंने अभी तक तो इंडिया के लिए एक भी मैच नहीं खेला है। हां, ये जरूर हो सकता है कि अगर उनका आईपीएल का आगामी सीजन अच्छा जाता है तो फिर आयरलैंड दौरे पर खेले जाने वाले दो टी20 के लिए चुना जा सकता है लेकिन वनडे वर्ल्ड कप का ख्वाब इतनी जल्दी पूरा नहीं होने वाला।
IPL 2025 में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने मचाया था धमाल
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने आईपीएल के पिछले सीजन जिस तरह का प्रदर्शन किया था, उसे देखते हुए इस बार भी उनसे धमाकेदार परफॉरमेंस की आस होगी। इस युवा खिलाड़ी ने राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू किया था और और धमाकेदार पारियां खेली थी। सीजन की हाईलाइट के रूप में वैभव का सिर्फ 35 गेंद में शतक जड़ना था, जो किसी भी भारतीय द्वारा इस लीग की सबसे तेज सेंचुरी भी है। उन्होंने यह कारनामा गुजरात टाइटंस के खिलाफ किया था।
बाएं हाथ के ओपनर ने सात मैचों में 206.55 की स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए थे। इस बार उनसे अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की आस होगी। वहीं, संजू सैमसन के जाने के बाद, वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को ओपनर के रूप में यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
FAQs
IPL 2026 के लिए वैभव सूर्यवंशी किस टीम का हिस्सा हैं?
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