टी20 वर्ल्ड कप 2026 खत्म हो चुका है और भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। जहां एक ओर टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर एक दिग्गज बल्लेबाज ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। अपने शानदार करियर के दौरान इस खिलाड़ी ने सभी प्रारूपों में मिलाकर कुल 60 शतक लगाए और क्रिकेट जगत में खास पहचान बनाई।
60 शतक बनाने वाले बल्लेबाज ने हर प्रारूप से लिया संन्यास
जिस खिलाड़ी की बात हो रही हैं वह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी ओपनर उस्मान ख्वाजा हैं। जिन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर लिया है और इसके साथ ही उनके लंबे घरेलू करियर का अंत भी लगभग तय हो गया है।
ख्वाजा पिछले कई सालों से ऑस्ट्रेलिया और क्वींसलैंड के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। खास बात यह है कि उन्होंने अपने करियर में कुल मिलाकर 60 से ज्यादा शतक लगाए हैं और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक भरोसेमंद टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई है।
हाल ही में खेले जा रहे शेफील्ड शील्ड मुकाबले में क्वींसलैंड की हार के साथ ही ख्वाजा का अपने घरेलू करियर को एक और ट्रॉफी के साथ खत्म करने का सपना भी टूट गया। इस सीजन के बाद वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट से दूर हो जाएंगे, जिससे ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट का एक अहम अध्याय समाप्त हो जाएगा।
क्वींसलैंड का ट्रॉफी सपना टूटा
बेलेरिव ओवल में खेले जा रहे मुकाबले में क्वींसलैंड की टीम को तस्मानिया के खिलाफ पहली पारी में बढ़त हासिल कर महत्वपूर्ण पॉइंट्स लेने की जरूरत थी। पहले दिन क्वींसलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम 3 विकेट पर सिर्फ 48 रन ही बना सकी। दूसरे दिन टीम पर बड़ी पारी खेलने का दबाव था, लेकिन बल्लेबाजी पूरी तरह से बिखर गई।
तस्मानिया के 198 रनों के जवाब में क्वींसलैंड की टीम सिर्फ 178 रन पर ही सिमट गई। दूसरी ओर साउथ ऑस्ट्रेलिया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 305 रन बनाए और साथ ही विक्टोरिया के पांच विकेट भी हासिल कर लिए।
शेफील्ड शील्ड के नियमों के अनुसार 200 से ज्यादा रन बनाने और शुरुआती 100 ओवरों में विकेट लेने पर बोनस पॉइंट्स मिलते हैं। ऐसे में क्वींसलैंड के लिए फाइनल की दौड़ में बने रहना लगभग असंभव हो गया।
तस्मानिया की गेंदबाजी और बल्लेबाजी से मैच पर पकड़
तस्मानिया के गेंदबाजों ने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वींसलैंड की बल्लेबाजी को दबाव में रखा। लॉरेंस नील-स्मिथ ने अहम मौकों पर जैक क्लेटन और लैचलान हर्न को आउट कर मैच का रुख बदल दिया। क्लेटन और हर्न ने 49 रनों की साझेदारी जरूर की, लेकिन क्लेटन के आउट होते ही क्वींसलैंड की टीम लड़खड़ा गई और जल्दी-जल्दी विकेट गंवा दिए।
स्पिनर मैट कुहनेमैन ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 14 रन देकर तीन विकेट लिए और हेडेन केर को शानदार कॉट-एंड-बोल्ड कैच से आउट किया।
वहीं तस्मानिया की शुरुआत भी खराब रही थी और टीम ने 10 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद जेक वेदरल्ड ने 57 गेंदों में 62 रन बनाकर पारी को संभाला, जबकि जॉर्डन सिल्क ने 122 गेंदों में नाबाद 49 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
उस्मान ख्वाजा का अंतरराष्ट्रीय करियर
उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 88 मैच खेले हैं, जिनमें 6229 रन बनाए हैं। टेस्ट में उनका औसत 42.66 रहा है और उन्होंने 16 शतक तथा 28 अर्धशतक लगाए हैं।
वनडे क्रिकेट में ख्वाजा ने 40 मैच खेले और 1554 रन बनाए। इस प्रारूप में उनका औसत 42 रहा और स्ट्राइक रेट 84.10 रहा है। उन्होंने वनडे में 2 शतक और 12 अर्धशतक लगाए। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 9 मैचों में 241 रन बनाए हैं। इस प्रारूप में उनका औसत 26.78 और स्ट्राइक रेट 132.42 रहा है, जबकि उन्होंने 1 अर्धशतक लगाया है।
ख्वाजा लंबे समय तक ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की रीढ़ बने रहे और कई अहम मौकों पर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उन्होंने जनवरी 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उनके संन्यास के साथ ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाजों की एक पीढ़ी धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा लेती नजर आ रही है।
ये भी पढ़े : संजू सैमसन ने किया बड़ा खुलासा, बताया क्यों Abhishek Sharma से जलते हैं टीम इंडिया के खिलाड़ी?