KL Rahul vs MS Dhoni ODI stats comparison : वनडे क्रिकेट में विकेटकीपर-बल्लेबाज़ की भूमिका हमेशा से बेहद अहम रही है। भारतीय टीम को इस विभाग में अलग-अलग दौर में ऐसे खिलाड़ी मिले हैं, जिन्होंने न सिर्फ दस्तानों के पीछे कमाल किया बल्कि बल्ले से भी मैच जिताऊ पारियां खेलीं।
मौजूदा दौर में केएल राहुल अपनी बहुआयामी क्षमता और तकनीकी मजबूती के कारण टीम के लिए अहम कड़ी बन चुके हैं, वहीं पिछले दो दशकों तक एमएस धोनी ने विकेटकीपर-बल्लेबाज़ की परिभाषा ही बदल दी थी।
ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि जब बात केवल बतौर विकेटकीपर वनडे आंकड़ों की हो, तो दोनों में कौन ज़्यादा प्रभावशाली साबित होता है। इसी तुलना के जरिए हम दोनों खिलाड़ियों के ODI रिकॉर्ड को आंकड़ों के आधार पर परखेंगे और जानेंगे कि इस मुकाबले में फिलहाल कौन निकल रहा है बेस्ट।
केएल राहुल बनाम एमएस धोनी: कप्तानी रिकॉर्ड

कप्तानी की बात करें तो केएल राहुल को अभी ज्यादा मौके नहीं मिले हैं, लेकिन जो भी मौके मिले उनमें उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। राहुल ने 16 वनडे मैचों में कप्तानी की और 10 मैच जीते, यानी उनका जीत प्रतिशत 64.28% रहा।
वहीं एमएस धोनी ने भारत की कप्तानी लंबे समय तक की। उन्होंने 200 वनडे मैचों में टीम का नेतृत्व किया और 110 मैच जिताए। धोनी का जीत प्रतिशत 55% रहा, लेकिन यह रिकॉर्ड कई सालों तक लगातार कप्तानी करने के बाद बना है।
धोनी की कप्तानी में भारत ने 2011 का वनडे वर्ल्ड कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े आईसीसी टूर्नामेंट भी जीते, जो उनके कप्तानी रिकॉर्ड को और मजबूत बनाते हैं।
आंकड़े बताते हैं कि राहुल का जीत प्रतिशत ज्यादा है, जबकि धोनी की कप्तानी का अनुभव, कुल जीत और बड़े टूर्नामेंट की सफलताएं कहीं ज्यादा रही हैं।
विकेट के पीछे किसका रिकॉर्ड मजबूत
विकेटकीपिंग में एमएस धोनी का नाम सबसे ऊपर आता है। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 321 कैच और 123 स्टंपिंग्स की हैं, यानी कुल 444 बल्लेबाज़ों को आउट किया। यह रिकॉर्ड उनकी तेजी, समझदारी और लंबे करियर को दिखाता है।
केएल राहुल ने विकेटकीपर के तौर पर 76 कैच और 8 स्टंपिंग्स की हैं, यानी कुल 84 डिसमिसल्स। राहुल ने कम समय तक विकेटकीपिंग की है, इसलिए उनके आंकड़े कम हैं। अनुभव और कुल प्रदर्शन के हिसाब से धोनी विकेट के पीछे ज्यादा असरदार रहे हैं।
KL Rahul vs MS Dhoni: बल्लेबाज़ी में दोनों का प्रदर्शन
बल्लेबाज़ी के मामले में दोनों ही खिलाड़ी भरोसेमंद रहे हैं। एमएस धोनी ने 350 वनडे मैचों में 10,773 रन बनाए हैं। उनका औसत 50.58 और स्ट्राइक रेट 87.57 रहा। धोनी के नाम 10 शतक और 73 अर्धशतक हैं, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 183 रन रहा है, जो उन्होंने साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ बनाया था।
केएल राहुल ने 93 वनडे मैचों में 3,359 रन बनाए हैं। उनका औसत 51.68 और स्ट्राइक रेट 90.57 है। राहुल के नाम 8 शतक और 20 अर्धशतक दर्ज हैं। वनडे क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 112 रन है।
आंकड़ों से साफ है कि औसत और स्ट्राइक रेट के मामले में राहुल थोड़ा आगे हैं, लेकिन ज्यादा मैच, ज्यादा रन और बड़ी पारियों के कारण बल्लेबाज़ी में धोनी का रिकॉर्ड ज्यादा बड़ा और मजबूत नजर आता है।
अनुभव और भूमिका के आधार पर तुलना
एमएस धोनी ने लंबे समय तक टीम इंडिया के लिए विकेटकीपर, मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ और कप्तान की जिम्मेदारी निभाई। इसी वजह से उनके आंकड़े बड़े और भारी नजर आते हैं।
केएल राहुल आधुनिक दौर के खिलाड़ी हैं और उन्होंने टॉप ऑर्डर में बल्लेबाज़ी करते हुए बेहतर औसत और तेज रन बनाए हैं। आंकड़े यह दिखाते हैं कि धोनी का योगदान लंबे समय और बड़े स्तर पर रहा है, जबकि राहुल कम मैचों में बेहतर औसत और स्ट्राइक रेट के साथ नजर आते हैं।
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FAQS
ODI में सबसे ज्यादा रन किसके नाम हैं?
ODI में बेहतर बल्लेबाज़ी औसत किसका है?