Mitchell Starc : आईपीएल 2026 की शुरुआत से ठीक पहले फ्रेंचाइज़ी टीमों के लिए एक बड़ी चुनौती सामने आ गई है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही कई स्टार खिलाड़ी शुरुआती मुकाबलों से बाहर हो गए हैं, जिससे टीमों की रणनीतियों पर सीधा असर पड़ रहा है।
खासतौर पर दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह झटका और भी बड़ा है क्योंकि उनके प्रमुख तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क (Mitchell Starc) शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं होंगे। पहले से ही पैट कमिंस (Mitchell Starc) और जोश हेजलवुड के बाहर होने की खबर ने फैंस को चौंकाया था, और अब स्टार्क का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है।
Mitchell Starc की गैरमौजूदगी से दिल्ली को बड़ा झटका

दिल्ली कैपिटल्स ने 2025 की मेगा नीलामी में मिचेल स्टार्क (Mitchell Starc) को 11.75 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। टीम को उम्मीद थी कि वह नई गेंद से विकेट निकालकर और डेथ ओवर्स में रन रोककर गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ बनेंगे।
स्टार्क जैसे अनुभवी गेंदबाज की मौजूदगी न केवल प्रदर्शन में बल्कि टीम के आत्मविश्वास में भी बड़ा फर्क डालती है। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी दिल्ली के संतुलन को कमजोर कर सकती है और शुरुआती मैचों में टीम को संघर्ष करना पड़ सकता है।
वर्कलोड मैनेजमेंट बना बड़ी वजह
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्टार्क को आराम देने का फैसला उनके भारी वर्कलोड को देखते हुए लिया है। पिछले एक साल में उन्होंने एशेज सीरीज के सभी पांच टेस्ट मैच खेले और उसके बाद बिग बैश लीग में भी हिस्सा लिया। लगातार क्रिकेट खेलने की वजह से उनके शरीर पर दबाव बढ़ गया है।
इसी कारण बोर्ड ने उन्हें ‘रिटर्न-टू-प्ले’ प्रोटोकॉल के तहत धीरे-धीरे वापसी कराने का फैसला किया है, ताकि आने वाले इंटरनेशनल शेड्यूल में वह पूरी तरह फिट रह सकें।
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों पर असर
यह सिर्फ स्टार्क (Mitchell Starc) तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के अन्य तेज गेंदबाज भी इसी स्थिति से गुजर रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के जोश हेजलवुड भी शुरुआती मैचों से बाहर रहेंगे।
यह साफ दिखाता है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपने प्रमुख गेंदबाजों को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। आगे आने वाले महीनों में ऑस्ट्रेलिया को कई महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी हैं, जिसके चलते खिलाड़ियों की फिटनेस को प्राथमिकता दी जा रही है।
दिल्ली के सामने रणनीतिक चुनौती
स्टार्क की अनुपस्थिति में दिल्ली कैपिटल्स को अपनी गेंदबाजी रणनीति में बदलाव करना होगा। टीम को नए गेंदबाजों पर भरोसा दिखाना पड़ेगा और डेथ ओवर्स के लिए अलग विकल्प तैयार करने होंगे।
पिछले सीजन में स्टार्क ने 11 मैचों में 14 विकेट लिए थे, लेकिन उनका प्रभाव सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं था। अब टीम के अन्य गेंदबाजों को आगे आकर जिम्मेदारी निभानी होगी ताकि शुरुआती मुकाबलों में नुकसान को कम किया जा सके और टीम लय पकड़ सके।