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मोहम्मद कैफ ने रोहित-कोहली की तुलना करते हुए चुना ODI क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज

Mohammad Kaif

Mohammad Kaif Virat Kohli ODI comparison : भारत और न्यूजीलैंड के बीच राजकोट में खेले जा रहे दूसरे वनडे के दौरान भारतीय क्रिकेट की सबसे चर्चित बहसों में से एक फिर से सुर्खियों में आ गई है। यह बहस है कि वनडे क्रिकेट में बेहतर बल्लेबाज़ कौन है—विराट कोहली या रोहित शर्मा। इस मुद्दे पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने खुलकर अपनी राय रखी है।

कैफ (Mohammad Kaif) का मानना है कि वनडे फॉर्मेट में विराट कोहली की निरंतरता, मानसिक मजबूती और बड़ी पारियों को अंजाम तक पहुंचाने की क्षमता उन्हें रोहित शर्मा से आगे रखती है। उनके मुताबिक, कोहली की बल्लेबाज़ी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि मैच जिताने की आदत ही उन्हें खास बनाती है।

कोहली की निरंतरता को बताते हैं निर्णायक फैक्टर

मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए साफ कहा कि वनडे क्रिकेट में निरंतरता सबसे बड़ा हथियार है और यही वह गुण है जिसमें विराट कोहली सबसे आगे नजर आते हैं। कैफ के अनुसार, कोहली जब 30 या 40 रन तक पहुंचते हैं, तो वह सिर्फ अच्छी शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक बड़ी और मैच जिताने वाली पारी का संकेत होता है।

वह अक्सर अंत तक टिकते हैं और दबाव में भी टीम को जीत की दहलीज तक ले जाते हैं। यही कारण है कि वनडे जैसे लंबे फॉर्मेट में उनकी विश्वसनीयता बेहद अहम हो जाती है।

बड़ी पारियों में बदलती हैं अच्छी शुरुआत

कैफ ने यह भी रेखांकित किया कि कोहली की खासियत यह है कि वह अपनी शुरुआत को बर्बाद नहीं करते। जहां कई बल्लेबाज़ अच्छी शुरुआत के बाद गैरज़रूरी शॉट खेलकर आउट हो जाते हैं, वहीं कोहली धैर्य और आक्रामकता के बीच संतुलन बनाए रखते हैं।

वह पारी को पढ़ते हैं, गेंदबाज़ों की रणनीति समझते हैं और उसी के अनुसार अपने शॉट्स चुनते हैं। यही वजह है कि उनके वनडे करियर में शतकों और बड़े स्कोर की संख्या लगातार बढ़ती गई है, जो उन्हें इस फॉर्मेट का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ बनाती है।

रन बनाने की भूख और मानसिकता

मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) ने कोहली की मानसिकता पर भी खास तौर पर बात की। उनके अनुसार, जब कोहली रन बनाने में चूक जाते हैं, तो यह बात उन्हें भीतर तक परेशान करती है। इसका उदाहरण पहले वनडे में देखने को मिला, जब वह आउट होने के बाद निराश नजर आए और यह सोचते दिखे कि उनसे कहां गलती हुई।

यही आत्ममंथन उन्हें अगले मैच में और बेहतर बनाता है। रन बनाने की यह भूख और खुद से ऊंचे मानक तय करना कोहली को बाकी बल्लेबाज़ों से अलग करता है।

टीम की मुश्किलों में कोहली की अहम भूमिका

वर्तमान सीरीज़ ऐसे समय में खेली जा रही है जब भारतीय टीम चोटों की समस्याओं से जूझ रही है। ऐसे हालात में कोहली की मौजूदगी टीम के लिए संबल की तरह रही है। वडोदरा में पहले वनडे में 93 रनों की पारी भले ही शतक में न बदली हो, लेकिन उसी पारी ने भारत की जीत की नींव रखी।

दूसरी ओर, का अपना अलगरोहित शर्मा अंदाज़ और रिकॉर्ड हैं, लेकिन कैफ की नजर में वनडे फॉर्मेट की निरंतर मांगों के लिहाज़ से कोहली की स्थिरता उन्हें एक कदम आगे रखती है। यही वजह है कि वनडे क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ की बहस में कैफ ने कोहली का नाम सबसे ऊपर रखा है।

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FAQS

पहले वनडे में कोहली ने कितने रन बनाए?

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Vasu Jain

खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, एक कहानी है। मैं एक स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हूँ, जो 2007 से क्रिकेट...

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