Yuvraj Singh : भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने हाल ही में एक दिलचस्प बयान देकर क्रिकेट फैंस को चौंका दिया है। जब उनसे उनके पसंदीदा बैटिंग पार्टनर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने एम. एस. धोनी का नाम लिया।
यह बयान इसलिए भी खास है क्योंकि भारतीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी रहे हैं। युवराज का यह खुलासा उनके लंबे करियर और धोनी के साथ उनकी मजबूत साझेदारी को दर्शाता है।
धोनी के साथ खास बॉन्डिंग

युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने ‘Stick to Cricket’ पॉडकास्ट में माइकल वॉन से बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने धोनी के साथ काफी बल्लेबाजी की है, इसलिए वह उनके पसंदीदा पार्टनर हैं। मैदान पर दोनों खिलाड़ियों के बीच शानदार समझ देखने को मिलती थी।
कई मौकों पर जब टीम मुश्किल में होती थी, तब युवराज और धोनी ने मिलकर भारत को संभाला और मैच जिताया। उनकी साझेदारी में स्थिरता और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन नज़र आता था।
2011 वर्ल्ड कप में Yuvraj Singh का जलवा
युवराज सिंह (Yuvraj Singh) का नाम 2011 वर्ल्ड कप के साथ हमेशा जुड़ा रहेगा। इस टूर्नामेंट में उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बने। हालांकि फाइनल में धोनी की मैच जिताने वाली पारी को ज्यादा याद किया जाता है, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में युवराज की निरंतरता ने भारत की जीत की नींव रखी थी। यह वही दौर था जब युवराज और धोनी की जोड़ी ने कई अहम मौकों पर टीम को मजबूती दी।
सचिन पर भरोसा, लेकिन पसंद अलग
रैपिड-फायर राउंड में जब युवराज से पूछा गया कि वह किस खिलाड़ी पर अपनी जान बचाने के लिए बल्लेबाजी में भरोसा करेंगे, तो उन्होंने सचिन तेंदुलकर का नाम लिया। सचिन को क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाजों में गिना जाता है और उनके आंकड़े इसकी गवाही देते हैं।
24 साल लंबे करियर में उन्होंने 34,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाए और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। युवराज का यह जवाब दिखाता है कि भरोसा और पसंद दोनों अलग-अलग हो सकते हैं।
इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड से खास लगाव
युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने अपने करियर के दौरान इंग्लैंड और न्यूजीलैंड को खेलने के लिए अपने पसंदीदा देशों में गिना। इंग्लैंड में उनका प्रदर्शन खास रहा, खासकर 2002 के नेटवेस्ट फाइनल में, जहां उन्होंने मोहम्मद कैफ के साथ मिलकर ऐतिहासिक जीत दिलाई।
उस मैच में भारतीय टीम ने शानदार लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की, जो आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार मुकाबलों में से एक माना जाता है।युवराज सिंह का यह बयान न सिर्फ उनके करियर की झलक देता है, बल्कि यह भी बताता है कि मैदान पर साझेदारी और समझ कितनी अहम होती है।
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