Ravichandran Ashwin on Usman Tariq Bowling Action : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारीक एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में 27 रन देकर तीन विकेट लेने के बावजूद चर्चा उनके प्रदर्शन से ज्यादा उनके बॉलिंग एक्शन पर रही।
सोशल मीडिया पर उनके रन-अप और डिलीवरी स्ट्राइड को लेकर सवाल उठे, यहां तक कि कुछ लोगों ने आईसीसी से कार्रवाई की मांग भी कर डाली। इसी विवाद के बीच भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) खुलकर तारीक के समर्थन में सामने आए और पूरे मुद्दे को अलग नजरिए से देखने की बात कही।
उस्मान तारीक के एक्शन पर फिर छिड़ी बहस
अमेरिका के खिलाफ जीत के बाद जैसे ही मैच खत्म हुआ, फैंस ने तारीक के एक्शन का वीडियो शेयर करना शुरू कर दिया। आरोप लगाए गए कि उनका हाथ संदिग्ध तरीके से मुड़ता है और वह रन-अप के दौरान रुककर बल्लेबाज को भ्रमित करते हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन भी उनके एक्शन पर सवाल उठा चुके हैं।
कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने भी इसे खेल भावना के खिलाफ बताया। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब तारीक के एक्शन पर चर्चा हुई हो; पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान उन्हें दो बार रिपोर्ट किया गया था, लेकिन हर बार जांच में उनका एक्शन वैध पाया गया।
Ravichandran Ashwin का जवाब: सिर्फ गेंदबाज़ ही क्यों कटघरे में
रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने इस पूरे विवाद पर संतुलित लेकिन तीखा जवाब दिया। उनका तर्क था कि अगर बल्लेबाज बिना अंपायर को बताए स्विच हिट या रिवर्स शॉट खेल सकता है, तो गेंदबाज के एक्शन को लेकर इतनी सख्ती क्यों दिखाई जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि गेंदबाज को अपना हाथ बदलने से पहले अंपायर को सूचना देनी पड़ती है, लेकिन बल्लेबाज पर ऐसी पाबंदी नहीं है।
अश्विन ने यह भी कहा कि खेल में नियम दोनों पक्षों के लिए समान रूप से लागू होने चाहिए। उनके मुताबिक, तारीक का रन-अप में रुकना अगर उनके नियमित एक्शन का हिस्सा है, तो उसे गलत नहीं कहा जा सकता।
Agree football doesn’t allow it!
While the batter can be allowed to switch hit or reverse without informing the umpire or bowler, after him/her commits to start batting on one side, why are the restrictions only limited to the bowler?
In fact the bowler isn’t allowed to change… https://t.co/AOV4OKhwcL
— Ashwin 🇮🇳 (@ashwinravi99) February 11, 2026
15 डिग्री नियम और तकनीकी जटिलताएं
आईसीसी के नियमों के अनुसार गेंदबाज की कोहनी का झुकाव 15 डिग्री से ज्यादा नहीं होना चाहिए। अश्विन ने स्पष्ट किया कि मैदान पर खड़े अंपायर के लिए यह तय करना लगभग असंभव है कि गेंदबाज इस सीमा के भीतर है या नहीं। इसके लिए विशेष टेस्टिंग सेंटर में बायोमैकेनिकल जांच की जरूरत होती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में रियल टाइम तकनीक का इस्तेमाल इस तरह के विवादों को खत्म कर सकता है। उनका मानना है कि ग्रे एरिया का फायदा उठाने का आरोप लगाना उचित नहीं है, जब तक आधिकारिक जांच में कोई गड़बड़ी साबित न हो।
अंपायरों की राय और आगे की चुनौती
पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने भी पुष्टि की है कि तारीक का एक्शन आईसीसी के नियमों के अनुरूप है। इससे साफ है कि फिलहाल उनके खिलाफ कोई आधिकारिक आपत्ति नहीं है।
अब सबकी नजरें 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के मुकाबले पर टिकी हैं, जहां तारीक का प्रदर्शन और उनका एक्शन फिर चर्चा का विषय बन सकता है। यह विवाद सिर्फ एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं, बल्कि आधुनिक क्रिकेट में नियमों, तकनीक और निष्पक्षता के संतुलन पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।