Ravindra Jadeja ODI batting stats India : भारतीय क्रिकेट में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं, जो आंकड़ों से ज्यादा सवाल खड़े करती हैं। 15 जनवरी 2013 भी ऐसी ही एक तारीख है। यही वह दिन था, जब रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने भारतीय जमीन पर वनडे क्रिकेट में आखिरी बार अर्धशतक लगाया था।
यह संयोग ही कहा जाएगा कि यह दौर उस समय का था, जब देश की राजनीति में मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। इसके बाद भारतीय क्रिकेट ने कई बदलाव देखे, टीम इंडिया ने नए मुकाम हासिल किए, लेकिन जडेजा के वनडे बल्लेबाजी ग्राफ में घरेलू मैदानों पर अर्धशतक का कॉलम वहीं थम गया।
2013 के बाद ठहर गई घरेलू वनडे बल्लेबाजी
![]()
जनवरी 2013 में जडेजा ने भारत में अपना आखिरी वनडे अर्धशतक लगाया था। उस वक्त न विराट कोहली वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बने थे और न ही भारतीय राजनीति में बदलाव आया था। इसके बाद के वर्षों में जडेजा (Ravindra Jadeja) ने लगातार टीम इंडिया के लिए वनडे खेले, लेकिन भारतीय सरजमीं पर बल्ले से पचास का आंकड़ा छूना उनके लिए मुश्किल साबित हुआ। विदेशी दौरों पर उन्होंने कई बार उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन घरेलू वनडे में उनकी बल्लेबाजी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही।
रोहित-विराट के बाद अब जडेजा पर उठते सवाल
एक समय था जब रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज थीं। दोनों खिलाड़ियों पर घरेलू क्रिकेट खेलने और प्रदर्शन साबित करने का दबाव बनाया गया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के खिलाफ दमदार प्रदर्शन कर इन दोनों दिग्गजों ने आलोचकों को शांत कर दिया।
लेकिन अब यही सवाल धीरे-धीरे रविंद्र जडेजा की ओर मुड़ गए हैं। टीम में उनकी मौजूदगी को लेकर बहस इस बात पर टिक गई है कि क्या वह अब भी वनडे फॉर्मेट में उतने प्रभावी हैं, जितने पहले हुआ करते थे।
आंकड़े जो Ravindra Jadeja की चुनौती बयां करते हैं
पिछले 10 वनडे मुकाबलों में जडेजा को सात बार बल्लेबाजी का मौका मिला, लेकिन वह सिर्फ एक बार ही 30 रन के आंकड़े को पार कर सके। इन मैचों में उनके बल्ले से कुल 114 रन निकले, जिनमें तीन बार वह नाबाद रहे।
गेंदबाजी की बात करें तो पिछले 10 वनडे में वह सिर्फ छह विकेट ही ले पाए और पांच मुकाबलों में उन्हें एक भी सफलता नहीं मिली। यह प्रदर्शन उस खिलाड़ी के लिए चिंता का विषय है, जिसे लंबे समय से टीम इंडिया का भरोसेमंद हरफनमौला माना जाता रहा है।
2027 वर्ल्ड कप और विकल्पों की तलाश
रविंद्र जडेजा फिलहाल 37 साल के हैं और 2027 वर्ल्ड कप तक वह लगभग 39 के हो जाएंगे। वनडे क्रिकेट में उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के सामने विकल्पों पर विचार करना स्वाभाविक है। अक्षर पटेल को जडेजा के लाइक-टू-लाइक रिप्लेसमेंट के तौर पर देखा जा रहा है, जिन्होंने सीमित मौकों में प्रभाव छोड़ा है।
इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर, रियान पराग और आयुष बडोनी जैसे खिलाड़ी भी भविष्य के दावेदार के रूप में उभर रहे हैं। ऐसे में जडेजा के लिए आने वाला समय यह तय करेगा कि वह वनडे क्रिकेट में अपनी जगह कैसे बचाए रखते हैं।
ये भी पढ़े : अर्शदीप सिंह को मौका न देने पर भड़के आर अश्विन, कोच और कप्तान बताया विलेन