Rohit Sharma on Team India balance : टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं और डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर भारत एक बार फिर खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
इस बीच, विश्व कप जीत चुके कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने साफ़ शब्दों में दो ऐसे खिलाड़ियों के नाम बताए हैं, जिनकी भूमिका आने वाले टूर्नामेंट में निर्णायक हो सकती है। रोहित का मानना है कि टीम की गहराई और संतुलन के बीच ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह भारत को एक बार फिर चैंपियन बना सकते हैं।
नई गेंद और डेथ ओवर में अर्शदीप सिंह की अहमियत
रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने अर्शदीप सिंह की गेंदबाज़ी को भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया। उनके मुताबिक, नई गेंद से स्विंग कराना और शुरुआती विकेट निकालना अर्शदीप की सबसे बड़ी खूबी है। बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के खिलाफ स्लिप में कैच के मौके बनाना और दाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के पैड को निशाना बनाना उन्हें खतरनाक बनाता है।
रोहित ने यह भी कहा कि अर्शदीप अब गेंद को दाएं हाथ के बल्लेबाज़ों से दूर ले जाना सीख चुके हैं, जो किसी भी नई गेंद के गेंदबाज़ के लिए बेहद ज़रूरी स्किल है।
जसप्रीत बुमराह के साथ घातक जोड़ी
रोहित (Rohit Sharma) के अनुसार, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप का एक साथ टीम में होना भारत के लिए बड़ी सकारात्मक बात है। दोनों गेंदबाज़ विकेट लेने की सोच के साथ गेंदबाज़ी करते हैं, जिससे विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बना रहता है।
2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में अर्शदीप द्वारा क्विंटन डी कॉक का अहम विकेट और डेथ ओवरों में कसी हुई गेंदबाज़ी इसका उदाहरण है। यही कारण है कि रोहित उन्हें 2026 के टूर्नामेंट में भी भारत के लिए मैच विनर मानते हैं।
हार्दिक पांड्या का फिनिशर और ऑलराउंडर रोल
रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने हार्दिक पांड्या की दोहरी भूमिका पर खास ज़ोर दिया। उनके मुताबिक, जब भी हार्दिक टीम में होते हैं, तो वह संतुलन अपने आप बन जाता है।
चाहे टीम को 15–16 ओवर में 160 से 210 तक पहुंचाना हो या फिर शुरुआती झटकों के बाद पारी को संभालना, हार्दिक हर परिस्थिति में फिट बैठते हैं। मिडिल ऑर्डर में 5, 6 या 7 नंबर पर बल्लेबाज़ी करना आसान नहीं होता, लेकिन हार्दिक इस चुनौती को लगातार पार करते आए हैं।
स्पिन कॉम्बिनेशन और कप्तानी की चुनौती
रोहित ने यह भी माना कि कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना टीम मैनेजमेंट के लिए बड़ी चुनौती होगी, खासकर ओस वाली भारतीय परिस्थितियों में। उनका मानना है कि दोनों विकेट टेकिंग बॉलर हैं और बल्लेबाज़ों को उन्हें पढ़ने में परेशानी होती है।
हालांकि, यह फैसला कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर निर्भर करेगा। रोहित ने कुलदीप को यह सलाह भी दी कि हर गेंद पर अपील करने के बजाय विकेटकीपर के फैसले पर भरोसा करना टीम के लिए ज़्यादा फायदेमंद होगा।