Former Team India Cricketer Died: आईपीएल 2026 की धूम मची हुई है और मौजूदा सीजन में अब तक 14 मुकाबले हो चुके हैं। आज 15वां मैच कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच ईडन गार्डन्स, कोलकाता में होना है। हालांकि, इस मुकाबले से पहले एक ऐसी खबर सामने आई है, जिससे भारतीय क्रिकेट जगत में मातम छा गया है।
दरअसल, टीम इंडिया (Team India) के लिए खेल चुके एक पूर्व खिलाड़ी का निधन हो गया है। यह खिलाड़ी उस प्लेइंग 11 का हिस्सा था, जब भारत ने अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में खेलने वाले 10 भारतीय खिलाड़ी दुनिया को अलविदा कह चुके थे और अब 11वें ने भी विदाई ले ली।
टीम इंडिया (Team India) की पहली टेस्ट जीत का हिस्सा रहने वाले क्रिकेटर का हुआ निधन

भारत ने अपना पहला टेस्ट 1932 में खेला था लेकिन पहली जीत के लिए उसे 20 साल इंतजार करना पड़ा, तब जाकर 1952 में जीत का खाता खुला। टीम इंडिया (Team India) ने अपनी पहली टेस्ट जीत घरेलू सरजमीं पर इंग्लैंड के खिलाफ मद्रास (चेन्नई) में हासिल की थी। तब कप्तानी विजय हजारे के हाथों में थी। वहीं, प्लेइंग 11 में चिंगलेपुट गोपीनाथ भी शामिल थे। मैच में उन्होंने 35 रनों की पारी खेली थी।
चिंगलेपुट गोपीनाथ के अलावा अन्य सभी खिलाड़ी जो टीम इंडिया की जीत में शामिल थे, दुनिया से विदा हो चुके थे। इसी वजह से गोपीनाथ ही आखिरी जीवित सदस्य के रूप में भारत (Team India) के सबसे बुजुर्ग टेस्ट क्रिकेटर थे लेकिन अब उनका भी निधन हो गया। इस दिग्गज ने 96 साल की उम्र में चेन्नई में गुरुवार, 9 अप्रैल को दुनिया को अलविदा कहा।
भारत के सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटर थे गोपीनाथ
1 मार्च, 1930 को मद्रास (अब चेन्नई) में जन्मे गोपीनाथ ने टेनिस, हॉकी, फुटबॉल सहित कई खेलों में हाथ आजमाया और मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में पढ़ाई के दौरान 17 वर्ष की आयु में क्रिकेट खेलना शुरू किया। उन्होंने बहुत जल्दी तरक्की की और चार साल के भीतर ही 1951 में बॉम्बे (अब मुंबई) के ब्रेबोर्न स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच में उन्हें भारत की टीम (Team India) में जगह मिली।
एक स्टाइलिश बल्लेबाज के रूप में जाने जाने वाले गोपीनाथ ने शानदार डेब्यू करते हुए सीरीज के दूसरे टेस्ट में नाबाद 52 और 40 रन बनाए। चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेले गए अंतिम टेस्ट में गोपीनाथ ने 35 रन बनाए और पॉली उमरीगर के साथ सातवें विकेट के लिए 93 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। भारत ने यह मैच एक पारी और सात रनों से जीतकर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की और पांच मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। खिलाड़ी के तौर पर संन्यास के बाद, गोपीनाथ ने चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में काम किया। वहीं, 1979 में टीम इंडिया के इंग्लैंड दौरे पर मैनेजर की भूमिका भी निभाई थी।
ऐसा रहा गोपीनाथ का करियर
टीम इंडिया (Team India) के लिए 1951 में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले सीडी गोपीनाथ ने अपना अंतिम इंटरनेशनल मुकाबला 1960 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ईडन गार्डन्स में खेला था। इस तरह उन्होंने 9 साल में कुल 8 टेस्ट खेले और 242 रन बनाए, जिसमें एकमात्र अर्धशतक शामिल रहा। वहीं, गेंदबाजी में 1 विकेट भी लिया।
फर्स्ट क्लास में गोपीनाथ ने 83 मैचों में 9 शतक और 23 अर्धशतक की मदद से 4259 रन बनाए। इसके अलावा गेंदबाजी में 14 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया।
FAQs
भारत के सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटरचिंगलेपुट गोपीनाथ का कितने वर्ष की उम्र में निधन हुआ?
चिंगलेपुट गोपीनाथ ने टीम इंडिया की पहली टेस्ट जीत में कितने रनों का योगदान दिया था?
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