Shreyas Iyer comeback in Vijay Hazare Trophy : लंबे इंतज़ार और मुश्किल रिहैबिलिटेशन के बाद श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी भारतीय क्रिकेट के लिए राहत भरी खबर बनकर सामने आई।
हिमाचल प्रदेश के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी मुकाबले में 82 रनों की आक्रामक पारी खेलकर अय्यर (Shreyas Iyer) ने यह साफ कर दिया कि वह न सिर्फ फिट हैं, बल्कि मानसिक और तकनीकी रूप से भी बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
यह पारी ऐसे समय आई है जब भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ अहम वनडे सीरीज खेलनी है और मिडिल ऑर्डर की स्थिरता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
चोट से वापसी तक का कठिन सफर

पिछले साल अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी वनडे के दौरान प्लीहा में गंभीर चोट और अंदरूनी ब्लीडिंग के कारण अय्यर को अचानक टीम से बाहर होना पड़ा था। यह चोट केवल मैदान से दूरी तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके करियर की दिशा को लेकर भी अनिश्चितता पैदा कर गई।
महीनों तक चले रिहैब और फिटनेस प्रोग्राम के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट के जरिए वापसी का रास्ता चुना। विजय हजारे ट्रॉफी में उनका उतरना इस बात का संकेत था कि वह अब फिर से 50 ओवर के क्रिकेट की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।
कप्तानी के साथ जिम्मेदारी और भरोसा
मुंबई टीम ने वापसी के साथ ही श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) को कप्तानी सौंपकर यह दिखा दिया कि टीम प्रबंधन को उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। कप्तान के रूप में मैदान पर उतरते ही उन्होंने जिम्मेदारी का परिचय दिया और हालात को समझते हुए आक्रामक बल्लेबाजी की।
बदले हुए 33 ओवर के फॉर्मेट में उन्होंने शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाया और स्कोर को तेज़ी से आगे बढ़ाया। उनकी पारी ने मुंबई को 299 के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
तूफानी पारी का असर
53 गेंदों में 82 रन, 10 चौके और तीन छक्के यह पारी सिर्फ स्कोर नहीं थी, बल्कि श्रेयस अय्यर के आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती का साफ संकेत थी। वापसी मुकाबले में उन्होंने दबाव के बावजूद आक्रामक बल्लेबाजी की और टीम को मजबूती दी।
जहां सूर्यकुमार यादव एक बार फिर संघर्ष करते नजर आए, वहीं अय्यर की पारी ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को राहत दी। इस प्रदर्शन ने दिखाया कि मुश्किल हालात में भी वह टीम को संभालने की पूरी क्षमता रखते हैं।
न्यूजीलैंड सीरीज से पहले बढ़ी उम्मीदें
न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में अय्यर उप-कप्तान के तौर पर शुभमन गिल के साथ भारतीय टीम की अगुवाई करते नजर आएंगे। हालांकि BCCI ने उनकी उपलब्धता को अंतिम फिटनेस क्लीयरेंस से जोड़ा है, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में खेली गई यह पारी उनके दावे को मजबूत करती है।
अगर फिटनेस की औपचारिक मुहर लगती है, तो अय्यर की यह वापसी भारत के मिडिल ऑर्डर को नई मजबूती देने वाली साबित हो सकती है।
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