Simon Doull on Rinku Singh finishing : भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच नागपुर में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले ने एक बार फिर भारतीय टीम के चयन और खिलाड़ियों के इस्तेमाल को लेकर बहस छेड़ दी है। इस चर्चा के केंद्र में हैं रिंकू सिंह, (Rinku Singh) जिन्होंने सीमित मौकों में बार-बार यह दिखाया है कि वह भारत के लिए टी20 क्रिकेट में कितने उपयोगी खिलाड़ी हो सकते हैं।
21 जनवरी को खेली गई उनकी विस्फोटक पारी ने न सिर्फ मैच का पासा पलट दिया, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया कि क्या टीम मैनेजमेंट ने अब तक उनके साथ पूरा न्याय किया है।
नागपुर में Rinku Singh की विस्फोटक पारी

नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में रिंकू सिंह (Rinku Singh) निचले क्रम में बल्लेबाज़ी करने उतरे। सीमित गेंदों में अधिकतम रन बनाने की जिम्मेदारी उन्होंने बखूबी निभाई। केवल 20 गेंदों में 44 रन की उनकी पारी इरादे और आत्मविश्वास से भरी रही।
चार चौके और तीन छक्के लगाकर उन्होंने यह साफ कर दिया कि वह दबाव की परिस्थितियों में भी आक्रामक क्रिकेट खेलने से नहीं हिचकते। खास तौर पर आखिरी ओवर में उनका आक्रमण दर्शकों के लिए रोमांचक रहा, जहां उन्होंने कीवी गेंदबाज़ों पर जमकर प्रहार किया।
आखिरी ओवर का हमला और भारत का विशाल स्कोर
रिंकू सिंह का असली प्रभाव आखिरी ओवर में देखने को मिला, जब उन्होंने 21 रन बटोरकर भारत को 20 ओवर में 238/7 के मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया। इस ओवर ने मैच की दिशा पूरी तरह बदल दी।
इससे पहले भारतीय पारी को अभिषेक शर्मा की 84 रन की शानदार पारी और कप्तान सूर्यकुमार यादव के योगदान ने मजबूत आधार दिया था, लेकिन रिंकू के फिनिशिंग टच ने स्कोर को न्यूज़ीलैंड की पहुंच से बाहर कर दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए मेहमान टीम लगातार दबाव में रही और अंततः 48 रन से मुकाबला हार गई।
साइमन डूल ने रिंकू सिंह की फिनिशिंग काबिलियत की जमकर तारीफ की
न्यूज़ीलैंड के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ साइमन डूल ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के उभरते फिनिशर रिंकू सिंह की खुलकर सराहना की है। टीम में वापसी के बाद रिंकू ने 20 गेंदों में नाबाद 44 रन बनाकर एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दबाव में मैच खत्म करने की असाधारण क्षमता रखते हैं।
डूल ने रिंकू को इस फॉर्मेट के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर्स में से एक बताया और कहा कि ऐसे खिलाड़ी बहुत कम देखने को मिलते हैं, जो लगातार डेथ ओवर्स में गेंदबाज़ों पर हावी हो सकें।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में रिंकू को और मौके मिलने चाहिए थे
साइमन डूल ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि रिंकू सिंह (Rinku Singh) को भारत के लिए अब तक ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका नहीं मिला। उनका मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग में चार–पांच साल पहले ही रिंकू की फिनिशिंग स्किल्स साफ नजर आने लगी थीं, इसके बावजूद उन्हें सीमित मौके दिए गए।
डूल के अनुसार, अगर रिंकू को एक तय फिनिशर की भूमिका में लगातार सपोर्ट किया जाता, तो वह अब तक आसानी से 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके होते। उन्होंने यह भी कहा कि रिंकू की ताकत, शांत स्वभाव और डेथ ओवर्स में गेंद के नीचे आने की क्षमता उन्हें गेंदबाज़ों के लिए बेहद खतरनाक बनाती है।
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FAQS
रिंकू सिंह IPL में किस टीम से खेलते हैं?