Biggest upsets in T20 World Cup history : टी20 क्रिकेट की असली खूबसूरती उसकी अनिश्चितता में छिपी है। 20 ओवर का यह खेल सिर्फ कौशल का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, रणनीति और सही मौके पर सही फैसले का इम्तिहान होता है। कभी तेज़ पावरप्ले मैच का रुख तय कर देता है, तो कभी आख़िरी ओवरों में गेंदबाज़ या बल्लेबाज़ का एक साहसी प्रदर्शन पूरी कहानी बदल देता है।
टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) का मंच कई बार ऐसे रोमांचक मुक़ाबलों का गवाह बना है, जब “छोटी” मानी जाने वाली टीमों ने बड़े-बड़े दिग्गजों को चौंका दिया। इन उलटफेरों ने न सिर्फ टूर्नामेंट की दिशा बदली, बल्कि दुनिया को यह भी दिखाया कि इस फॉर्मेट में कुछ भी असंभव नहीं। आइए, नजर डालते हैं टी20 वर्ल्ड कप के उन 5 बड़े धमाकों पर, जिन्होंने क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया।
T20 World Cup में उलटफेर करने वाली छोटी टीमें
1.जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया ( टी20 विश्वकप 2007 और 2026)

टी20 विश्वकप (T20 World Cup) में जिम्बाब्वे ने दो अलग-अलग दौर में ऑस्ट्रेलिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया। पहली बार 2007 के पहले ही संस्करण में, जब एडम गिलक्रिस्ट, रिकी पोंटिंग, एंड्रयू साइमंड्स, मैथ्यू हेडन, ब्रेट ली, माइकल हसी और मिचेल जॉनसन जैसे स्टार खिलाड़ियों से सजी ऑस्ट्रेलियाई टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 138 रन ही बना सकी। जवाब में जिम्बाब्वे ने 19.5 ओवर में 5 विकेट से लक्ष्य हासिल कर लिया और ब्रेंडन टेलर की नाबाद 60 रन की पारी उस ऐतिहासिक जीत की पहचान बन गई।
करीब दो दशक बाद 2026 के टी20 विश्वकप में कोलंबो में जिम्बाब्वे ने फिर ऑस्ट्रेलिया को चौंकाया। इस बार टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 169/2 का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
जवाब में ऑस्ट्रेलिया 19.3 ओवर में 146 रन पर ऑल आउट हो गई और जिम्बाब्वे ने 23 रन से जीत दर्ज की। तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी ने 4 विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और प्लेयर ऑफ द मैच बने।
2. नीदरलैंड ने इंग्लैंड को हराया ( टी20 विश्वकप 2009 और 2014)

टी20 विश्वकप (T20 World Cup) में नीदरलैंड ने इंग्लैंड को दो बार हराकर इतिहास रचा। पहली बार 2009 में लॉर्ड्स के मैदान पर, जब मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ एसोसिएट टीम नीदरलैंड ने आखिरी गेंद पर 4 विकेट से जीत दर्ज की। रयान टेन डेशकाटे की सूझबूझ और अंतिम गेंद पर ओवरथ्रो से मिला रन उस मैच को विश्वकप के सबसे नाटकीय पलों में शामिल कर गया।
दूसरी बार 2014 के टी20 विश्वकप में चट्टोग्राम में नीदरलैंड ने इंग्लैंड को 45 रन से हराया। 133 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम 88 रन पर सिमट गई। यह जीत सिर्फ उलटफेर नहीं थी, बल्कि यह साबित करने वाला पल था कि नीदरलैंड बड़े मंच पर किसी भी दिग्गज को चुनौती दे सकता है।
3.नीदरलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराया (टी20 विश्वकप 2022)

टी20 विश्वकप 2022 में एडिलेड के मैदान पर नीदरलैंड ने एक और बड़ा उलटफेर करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 13 रन से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए नीदरलैंड ने 20 ओवर में 158/4 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। जवाब में दक्षिण अफ्रीका 145/8 तक ही पहुंच सकी और सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई।
यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं थी, बल्कि टूर्नामेंट की तस्वीर बदलने वाला पल था। दक्षिण अफ्रीका के बाहर होने से पाकिस्तान को सीधा फायदा मिला और वह सेमीफाइनल में पहुंच गया। एक एसोसिएट टीम के लिए यह जीत ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हुई, जिसने एक बार फिर दिखाया कि टी20 विश्वकप में कोई भी टीम खेल बदल सकती है।
4.अमेरिका ने पाकिस्तान को हराया (टी20 विश्वकप 2024)

टी20 विश्वकप 2024 में सह-मेजबान अमेरिका ने 2009 की चैंपियन पाकिस्तान को हराकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया। मुकाबले से पहले ज्यादातर क्रिकेट प्रेमियों को इस नतीजे की उम्मीद नहीं थी, लेकिन मैदान पर कहानी कुछ और ही लिखी गई।
पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 159/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में अमेरिका ने मोनांक पटेल की अहम अर्धशतकीय पारी के दम पर शानदार संघर्ष किया और स्कोर बराबर कर मैच को सुपर ओवर तक पहुंचा दिया।
सुपर ओवर में दबाव चरम पर था। मोहम्मद आमिर की गेंदबाजी में अतिरिक्त रन भी आए, जिसका फायदा उठाते हुए अमेरिका ने 18 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में पाकिस्तान की टीम सुपर ओवर में सिर्फ 13 रन ही बना सकी।
इस जीत के साथ अमेरिका ने न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि बड़े मंच पर अपनी पहचान भी मजबूत की और सुपर 8 में जगह भी बनाई।
5. नामीबिया बनाम श्रीलंका (टी20 विश्वकप 2022)

टी20 विश्वकप 2022 के पहले ही मुकाबले में नामीबिया ने बड़ा उलटफेर करते हुए 2014 टी20 के विश्व चैंपियन श्रीलंका को 55 रन से हरा दिया। गीलॉन्ग के साइमंड्स स्टेडियम में खेले गए इस मैच में नामीबिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 163/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
जवाब में श्रीलंका की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई और पूरी टीम 19 ओवर में 108 रन पर सिमट गई। नामीबिया की सधी हुई गेंदबाजी और फील्डिंग ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को संभलने का मौका ही नहीं दिया।
टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में ही इस तरह की एकतरफा हार ने फैंस को हैरान कर दिया। 55 रन का जीत का अंतर टी20 विश्वकप इतिहास के बड़े अपसेट्स में गिना गया और नामीबिया के लिए यह जीत यादगार बन गई।