Tamim Iqbal Bangladesh cricket controversy : बांग्लादेश क्रिकेट इस वक्त गंभीर संकट से गुजर रहा है। सीनियर खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है, जिसके चलते पूरे क्रिकेट ढांचे पर असर पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। विवाद की जड़ एक कथित बयान है, जिसने खिलाड़ियों को एकजुट कर दिया है और हालात को बहिष्कार तक पहुंचा दिया है।
Tamim Iqbal पर बयान से भड़के खिलाड़ी
यह पूरा मामला तब तूल पकड़ गया जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के एक डायरेक्टर मजमुल इस्लाम पर आरोप लगा कि उन्होंने दिग्गज बल्लेबाज़ तमीम इकबाल (Tamim Iqbal) को “इंडियन एजेंट” कहा। इस टिप्पणी को खिलाड़ियों ने बेहद अपमानजनक माना।
तमीम को बांग्लादेश क्रिकेट का प्रतीक माना जाता है और उन्होंने करीब दो दशक तक देश का प्रतिनिधित्व किया है। ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह के शब्दों ने ड्रेसिंग रूम में नाराजगी और आक्रोश पैदा कर दिया।
BCB के खिलाफ एकजुट हुआ ड्रेसिंग रूम
सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर सीनियर और मौजूदा राष्ट्रीय खिलाड़ी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के डायरेक्टर के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। खिलाड़ियों का मानना है कि यह सिर्फ एक खिलाड़ी का अपमान नहीं, बल्कि पूरे बांग्लादेश क्रिकेट की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बयान है। इसी कारण उन्होंने साफ संकेत दिया है कि जब तक इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे चुप नहीं बैठेंगे।
BIG NEWS: Bangladesh cricket on a warpath as Players threaten boycott of all cricket till Bangladesh Cricket Board Director Mazmul Islam, who called Bangladesh Legend Tamim Iqbal “India Agent”, resigns from his post.
Insiders say most cricketers also not happy with the way…
— Vikrant Gupta (@vikrantgupta73) January 14, 2026
सभी फॉर्मेट के बहिष्कार की चेतावनी
तनाव इस हद तक बढ़ चुका है कि खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय मैचों तक, सभी फॉर्मेट के बहिष्कार के लिए तैयार बताए जा रहे हैं। अंदरूनी तौर पर यह साफ किया गया है कि यह केवल दबाव बनाने की बात नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ी तो इसे अमल में भी लाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो बांग्लादेश के क्रिकेट कैलेंडर पर बड़ा असर पड़ेगा और आईसीसी के साथ भी जटिल हालात बन सकते हैं।
T20 वर्ल्ड कप और मुआवजे ने बढ़ाया तनाव
इस विवाद के साथ-साथ खिलाड़ी T20 वर्ल्ड कप से जुड़े फैसलों और बोर्ड की कार्यशैली से भी नाखुश हैं। उनका कहना है कि चयन और योजना को लेकर पारदर्शिता की कमी रही। इसके अलावा, वित्तीय मुआवजे को लेकर बोर्ड के एक अधिकारी के कथित बयान ने गुस्से को और बढ़ा दिया है।
खिलाड़ियों को लगता है कि उनकी मेहनत और व्यस्त शेड्यूल के बावजूद उन्हें आर्थिक सुरक्षा को लेकर कोई स्पष्ट भरोसा नहीं दिया जा रहा, जिससे प्रशासन और खिलाड़ियों के बीच अविश्वास गहराता जा रहा है।
FAQS
विवाद किस बोर्ड से जुड़ा हुआ है?