PCB ICC revenue share dispute: भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबला हमेशा से विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है। लेकिन आगामी टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले मुकाबले पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) द्वारा भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का फैसला अब उसे भारी वित्तीय नुकसान की ओर ले जा सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाद केवल खेल तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसके कानूनी और आर्थिक परिणाम भी गंभीर हो सकते हैं। खास बात यह है कि यह जुर्माना सीधे तौर पर आईसीसी या बीसीसीआई को नहीं बल्कि टूर्नामेंट के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर को देना पड़ सकता है।
ब्रॉडकास्टर कर सकता है कानूनी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि अगर वह भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार करता है, तो आधिकारिक ब्रॉडकास्टर जियोस्टार कानूनी कार्रवाई कर सकता है। आईसीसी ने ब्रॉडकास्टर के साथ चार साल का करार किया है, जिसमें भारत और पाकिस्तान के मुकाबले को प्रमुख आकर्षण के रूप में शामिल किया गया था।
इसी आधार पर ब्रॉडकास्टर ने भारी रकम निवेश की थी। ऐसे में यदि यह मैच नहीं होता है तो इसे कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन माना जा सकता है और ब्रॉडकास्टर को हुए नुकसान की भरपाई के लिए पीसीबी पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
PCB का रेवेन्यू शेयर भी रोका जा सकता है : आईसीसी
रिपोर्ट्स के अनुसार, आईसीसी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का वार्षिक रेवेन्यू शेयर रोकने पर भी विचार कर सकता है। यह रकम लगभग 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 321 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है। संभावना यह जताई जा रही है कि आईसीसी इस रकम का इस्तेमाल ब्रॉडकास्टर को भुगतान करने के लिए कर सकता है।
इससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है क्योंकि आईसीसी से मिलने वाला रेवेन्यू किसी भी सदस्य बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण आय का स्रोत होता है।
कानूनी लड़ाई में पीसीबी की स्थिति कमजोर
सूत्रों का मानना है कि अगर यह मामला आईसीसी की विवाद समाधान समिति तक पहुंचता है, तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए राहत मिलना मुश्किल हो सकता है। यह समिति आईसीसी के आंतरिक मामलों को देखती है और बोर्ड के फैसलों के खिलाफ अपील सुनने की सीमित गुंजाइश होती है।
इसके अलावा पाकिस्तान की टीम अपने सभी मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेल रही है, इसलिए भारत के खिलाफ मैच न खेलने के फैसले को उचित ठहराना पीसीबी के लिए चुनौती बन सकता है।
राजनीतिक हालात के कारण बदल सकता है फैसला
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी के फैसले को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। कुछ सूत्रों का मानना है कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के बाद हालात बदल सकते हैं और नकवी अपना रुख बदल सकते हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रहता है तो उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग-थलग होने का खतरा भी उठाना पड़ सकता है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रहता है या फिर परिस्थितियों को देखते हुए कोई नया कदम उठाता है।
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