Harshit Rana press conference statement : न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारत की चार विकेट की जीत सिर्फ एक सफल रन चेज़ तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस मुकाबले ने टीम इंडिया की भविष्य की सोच को भी उजागर कर दिया। टॉप ऑर्डर के दमदार प्रदर्शन के बाद जब मैच थोड़ा फंसा, तब निचले क्रम में हर्षित राणा (Harshit Rana) ने जिस आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाज़ी की, उसने सभी का ध्यान खींचा।
मैच के बाद राणा के बयान से साफ हो गया कि टीम मैनेजमेंट उन्हें अब केवल तेज़ गेंदबाज़ नहीं, बल्कि एक उपयोगी ऑलराउंडर के तौर पर तैयार कर रहा है। यही वह रणनीति है, जिसे हेड कोच गौतम गंभीर धीरे-धीरे लागू कर रहे हैं।
नंबर 8 पर बल्लेबाज़ी और ऑलराउंडर बनने की सोच
हर्षित राणा (Harshit Rana) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि टीम उनसे नंबर 8 पर एक ऑलराउंडर की भूमिका निभाने की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट चाहता है कि वह गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी योगदान दें। इसी वजह से वह लगातार नेट्स में अपनी बल्लेबाज़ी पर काम कर रहे हैं।
पहले वनडे में 23 गेंदों में 29 रन की पारी इसी मेहनत का नतीजा थी। राणा का मानना है कि अगर टीम को ज़रूरत पड़ी, तो वह निचले क्रम में 30 से 40 रन बना सकते हैं और टीम का माहौल भी ऐसा है जो खिलाड़ी को आत्मविश्वास देता है।
केएल राहुल से मिला भरोसा
जब भारत रन चेज़ के दौरान विराट कोहली, श्रेयस अय्यर और जडेजा के विकेट जल्दी गंवा बैठा, तब राणा (Harshit Rana) पर दबाव था। ऐसे समय में केएल राहुल के साथ उनकी साझेदारी बेहद अहम साबित हुई।
राणा ने बताया कि क्रीज़ पर आते ही राहुल ने उन्हें भरोसा दिया और शांत रहकर खेलने की सलाह दी। उसी आत्मविश्वास के साथ उन्होंने शॉट्स खेले और छठे विकेट के लिए 37 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत की राह पर वापस ले आए।
शुभमन गिल की कप्तानी पर क्या बोले राणा
हर्षित राणा (Harshit Rana) ने कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी की खुलकर तारीफ की। उनके मुताबिक गिल एक फ्री और आक्रामक कप्तान हैं, जो फैसले लेने से पहले ज्यादा दबाव में नहीं आते।
राणा ने कहा कि गिल खिलाड़ियों को मैदान पर खुलकर खेलने की आज़ादी देते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है। एक युवा कप्तान के तौर पर उनका यह रवैया टीम के लिए सकारात्मक माहौल बनाता है, जिसका असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर साफ दिखता है।
आलोचना पर करारा जवाब और गेंदबाज़ी का नजरिया
मैच के बाद नई गेंद से विकेट न मिलने को लेकर पूछे गए सवाल पर राणा का जवाब भी चर्चा में रहा। उन्होंने साफ कहा कि अगर शुरुआत में विकेट नहीं मिलते, तो मैच के दूसरे चरण में विकेट निकाले जा सकते हैं, जैसा कि इस मुकाबले में हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि नई गेंद से रन नहीं दिए गए और हालात को देखते हुए गेंदबाज़ों ने सही रणनीति अपनाई।
पिछले साल आलोचनाओं का सामना करने वाले हर्षित राणा अब धीरे-धीरे अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। गेंद से दो विकेट लेने के बाद अहम रन बनाकर उन्होंने यह दिखा दिया कि गौतम गंभीर की ऑलराउंडर वाली सोच क्यों सही दिशा में जा रही है और क्यों राणा आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए एक अहम विकल्प बन सकते हैं।
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