India : घरेलू क्रिकेट में खेलने वाले सभी भारतीय खिलाड़ियों का सपना होता है कि वो एक दिन टीम इंडिया के लिए किसी भी फॉर्मेट में इंटरनेशनल मुक़ाबला खेले. इसी बीच घरेलू क्रिकेट में खेलने वाले एक तेज गेंदबाज़ ने साल 2023 में ही टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया है लेकिन डेब्यू से लेकर अब तक खेले सभी इंटरनेशनल मुक़ाबलों में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. उसके बावजूद भी उन्हें निरंतर टीम इंडिया के लिए सभी फॉर्मेट में खेलने का मौका मिल रहा है.
इस तेज गेंदबाज़ के साथ हो रहे इस तरह व्यवहार को देखकर यह लग रहा है कि इस तेज गेंदबाज़ को टीम इंडिया में उनके प्रतिभा नहीं उनके चाटुकारिता के चलते भारत (India) के लिए हर मुक़ाबला खेलने का मौका मिल रहा है. अगर उनके प्रतिभा के बारे में बात करे तो वो इस समय नेपाल से भी इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लायक नहीं है.
तीनो फॉर्मेट में निरंतर मिल रहा है मुकेश कुमार को खेलने का मौका
टीम इंडिया के लिए जुलाई में हुए वेस्टइंडीज दौरे पर इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) ने अब तक टीम के लिए 1 टेस्ट, 3 वनडे और 10 टी20 मुक़ाबले खेले है. टीम इंडिया के लिए खेले 14 इंटरनेशनल मुक़ाबलों में अब तक मुकेश कुमार ने टीम के लिए किसी भी मुक़ाबले में कोई मैच विनिंग प्रदर्शन नहीं किया है लेकिन उसके बावजूद भी मुकेश कुमार को साउथ अफ्रीका दौरे वाले तीनों फॉर्मेट की सीरीज के लिए टीम स्क्वाड में शामिल किया है.
साउथ अफ्रीका दौरे दूसरे टी20 मुक़ाबले में भी मुकेश कुमार ने 4 ओवर की गेंदबाज़ी करके 34 रन देकर मात्र 2 विकेट ही झटके। इतने औसतन प्रदर्शन करने के बावजूद मुकेश कुमार को आने वाले समय में भी टीम के लिए निरंतर खेलने का मौका मिलना तय है.
विकेट लेने में असक्षम रहे है मुकेश कुमार
टीम इंडिया के लिए हाल ही में डेब्यू करने वाले मुकेश कुमार की खास बात यह है कि वो किसी भी फॉर्मेट में गेंदबाज़ी करते हुए काफी किफायती से रन खर्च करते है लेकिन उसके बावजूद मुकेश कुमार ने टीम को अहम मौकों पर विकेट दिलवाने में असक्षम रहते है. अब तक खेले 14 इंटरनेशनल मुक़ाबलों में उनके नाम मात्र 15 विकेट है. जिसके चलते अगर मुकेश कुमार के लिए आने वाले समय में भारत (India) के प्लेइंग 11 में अपनी जगह स्थापित करना मुश्किल नज़र आ सकता है.