Cricketer who became director: बॉलीवुड डायरेक्टर आदित्य धार ने कुछ ही सालों में अपनी कामयाबी के झंडे गाड़ दिए हैं और उनकी गिनती टॉप डायरेक्टर्स में होती है। 2019 में ‘Uri: The Surgical Strike’ से चर्चा में आए आदित्य ने पिछले साल के अंत में धुरंधर फिल्म रिलीज की, जिसमें रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म ने कामयाबी के कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए और 1300 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया।
ऐसे में लगातार दो ब्लॉकबस्टर फिल्म देने वाले आदित्य धार की चर्चा हर तरफ हो रही है। हालांकि, आज हम इस बॉलीवुड डायरेक्टर के बारे में कुछ ऐसा बताने वाले हैं, जो शायद आपको न पता हो। अगर वो घटना न घटी होती तो शायद आदित्य को हम एक क्रिकेटर (Cricketer) के रूप में जानते लेकिन कहते हैं न कि जो किस्मत में लिखा होता है, वही होता है। ऐसा ही कुछ आदित्य के साथ हुआ।
बनना चाहते थे Cricketer, फिर बॉलीवुड में बनाया करियर

आदित्य धार की गिनती अब टॉप डायरेक्टर्स में होती है लेकिन एक समय था, जब वो फिल्म इंडस्ट्री में नहीं आना चाहते थे और उनका सपना एक कामयाब क्रिकेटर (Cricketer) बनने का था। हालांकि, फिर उनके साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसके कारण उनकी जिंदगी बदल गई और उनका फैसला बदलना फायदेमंद साबित हुआ।
दरअसल, आदित्य धार पहले क्रिकेट खेलते थे और वह एक हरफनमौला खिलाड़ी थे। साल 2002 में जब अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए भारत की टीम का चयन होना था, तो उसमें आदित्य का नाम भी रेस में था। लेकिन आखिरी में उन्हें निराशा हाथ लगी, क्योंकि पूर्व क्रिकेटर (Cricketer) रोजर बिन्नी के बेटे स्टुअर्ट बिन्नी का चयन हो गया था। इसी वजह से आदित्य को बड़ा झटका लगा और फिर उन्होंने राजनीति और सिस्टम की वजह से किकेट को छोड़ने का फैसला किया। इसके बारे में दिग्गज फिल्म डायरेक्टर प्रियदर्शन ने बताया।
आदित्य धार के संघर्ष की कहानी प्रियदर्शन ने बताई अपनी जुबानी
मैशेबल को दिए अपने इंटरव्यू में प्रियदर्शन ने आदित्य धार की प्रशंसा की, जो कभी उनके शिष्य थे। धार ने 2010 के दशक की शुरुआत में तीन फिल्मों में प्रियदर्शन के सहायक निर्देशक के रूप में काम किया था और ‘हेरा फेरी’ के निर्देशक से ही उन्होंने निर्देशन की कला सीखी थी। प्रियदर्शन ने बताया,
“जब आदित्य मेरे साथ काम कर रहे थे, तब वो संवाद भी लिखते थे, इसलिए मुझे लगता है कि हमने तीन साल साथ काम किया। मैं हमेशा उनके बारे में सकारात्मक सोच रखता था क्योंकि उनकी भाषा पर पकड़ बहुत अच्छी थी। उस समय यही उनकी सबसे बड़ी खूबी थी। वो मेरे पास तब आए जब वो कुछ फिल्मों से बहुत निराश थे, जिनके संवाद उन्होंने खुद लिखे थे, लेकिन उन्हें कभी श्रेय नहीं मिला। वह क्रिकेटर थे, लेकिन कुछ राजनीतिक प्रभावों के कारण अंडर-19 टीम में जगह नहीं बना पाए और उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। घर पर बैठे-बैठे वे बहुत निराश थे। तभी किसी ने उन्हें फिल्म देखने के लिए बुलाया और वह फिल्म थी गर्दिश की। उन्होंने गर्दिश देखी और कहा, ‘यही वो है जो मैं करना चाहता हूं’ और इसी सोच के साथ वे मुंबई आ गए।”
19 मार्च को रिलीज होगा धुरंधर का दूसरा पार्ट
आदित्य धार को ‘धुरंधर’ की वजह से बहुत ज्यादा कामयाबी मिली है और वो इस फिल्म का अगला पार्ट लेकर 19 मार्च को आ रहे हैं। अगला पार्ट ‘धुरंधर: द रिवेंज’ नाम से रिलीज होगा। फिल्म को लेकर फैंस के बीच काफी ज्यादा हाइप है और इसी वजह से एक बार फिर उम्मीद लगाई जा रही है कि रिकॉर्ड तोड़ कमाई होगी। अगर ऐसा होता तो आदित्य धार के लिए बड़ी कामयाबी होगी और आगे चलकर उनके साथ कुछ और बड़े स्टार काम करते नजर आ सकते हैं।
FAQs
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2002 में किस क्रिकेटर को आदित्य धार की जगह चुना गया था?
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