Vaibhav Suryavanshi 10th board exam: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने कम उम्र में ही ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जहां उनके हर फैसले पर देश की नजर रहती है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद जब उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा छोड़ने का फैसला लिया, तो यह खबर सुर्खियों में छा गई।
लोगों को लगा कि क्रिकेट के कारण पढ़ाई पीछे छूट गई, लेकिन अब उनके परीक्षा परिणाम को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसने सबको चौंका दिया है। यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि जुनून, संतुलन और भविष्य की सोच की भी है।
बोर्ड परीक्षा छोड़ने का बड़ा फैसला
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने 10वीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल न होने का निर्णय आखिरी समय में लिया। परीक्षा 17 फरवरी से 11 मार्च के बीच निर्धारित थी और उनका एडमिट कार्ड भी जारी हो चुका था। परीक्षा केंद्र के रूप में पोदार इंटरनेशनल स्कूल तय किया गया था। हालांकि, लगातार क्रिकेट टूर्नामेंट, कैंप और तैयारियों के कारण वह परीक्षा के पहले दिन केंद्र नहीं पहुंचे।
स्कूल प्रशासन ने उन्हें अनुपस्थित मार्क कर दिया। प्रिंसिपल एनके सिन्हा ने पुष्टि की कि वैभव परीक्षा में शामिल नहीं हुए और सीबीएसई के नियमों के अनुसार उन्हें एब्सेंट दर्ज किया गया। इस फैसले के पीछे आगामी बड़े क्रिकेट इवेंट्स की तैयारी को प्राथमिकता देना मुख्य कारण बताया गया।
अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन
हाल ही में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया। सात मैचों में 62.71 की औसत और 169.49 के स्ट्राइक रेट से 439 रन बनाकर वह टूर्नामेंट के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी 175 रनों की विस्फोटक पारी ने उन्हें मैन ऑफ द मैच का खिताब दिलाया, जबकि पूरे टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।
उन्होंने कुल 30 छक्के लगाकर नया रिकॉर्ड भी बनाया और अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि उन्हें खास बनाती है।
आईपीएल और भविष्य की बड़ी तैयारी
वैभव अब आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलने की तैयारी में जुटे हैं। पिछले सीजन में उन्होंने कम उम्र में डेब्यू कर 7 मैचों में 252 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक भी शामिल था। गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंदों में शतक लगाकर उन्होंने आईपीएल इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। लगातार मिल रहे मौके और बढ़ती जिम्मेदारियों ने उनके करियर को नई दिशा दी है। ऐसे में बोर्ड परीक्षा को टालना उनके लिए एक रणनीतिक फैसला माना जा रहा है।
परीक्षा परिणाम को लेकर चौंकाने वाली स्थिति
वैभव के परीक्षा में अनुपस्थित रहने के बाद स्वाभाविक रूप से उनका परिणाम भी ‘एब्सेंट’ के रूप में दर्ज हुआ। यही वह पहलू है जिसने लोगों को हैरान किया। जहां एक तरफ मैदान पर वह रिकॉर्ड तोड़ पारियां खेल रहे हैं, वहीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे में उनका नाम अनुपस्थित के रूप में दिखा। हालांकि स्कूल प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि वह अगली बार परीक्षा अवश्य देंगे।
यह घटना बताती है कि एक युवा खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। वैभव की प्राथमिकता फिलहाल क्रिकेट है, लेकिन शिक्षा का महत्व भी उनके और उनके परिवार के लिए कम नहीं है। आने वाले समय में वह दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे।
‘वैभव सूर्यवंशी ने आज एग्जाम नहीं दिया, हमने एब्सेंट लगा दिया’
◆ पोदार इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल NK Sinha ने कहा #VaibhavSuryavanshi | Vaibhav Suryavanshi Exam pic.twitter.com/hkigeub50i
— News24 (@news24tvchannel) February 17, 2026
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