Team Changed Coach Amid T20 World Cup 2026: भारत और श्रीलंका की मेजबानी में टी20 वर्ल्ड कप का 10वां संस्करण खेला जा रहा है। टूर्नामेंट में अभी ग्रुप स्टेज के कुछ मैच शेष हैं लेकिन सुपर-8 की सभी आठ टीमें तय हो चुकी हैं। हालांकि, अफगानिस्तान की टीम अगले राउंड में जगह बनाने से चूक गई और उसे ग्रुप स्टेज से ही बाहर होना पड़ा है।
ग्रुप राउंड से एलिमिनेट होने वाली अफगानिस्तान ने अब एक बड़ा फैसला लिया है और उसने अपने हेड कोच (Head Coach) जोनाथन ट्रॉट से नाता तोड़ लिया है। ट्रॉट का कार्यकाल अफगानिस्तान के साथ काफी सफल रहा और उनकी कोचिंग में अफगान टीम ने काफी तरक्की की।
अफगानिस्तान ने T20 World Cup 2026 के खत्म होते ही कोच (Coach) जोनाथन ट्रॉट से तोड़ा नाता

क्रिकेट जगत में अफगानिस्तान ने जब कदम रखा था तो उसके सामने अपनी अलग पहचान बनाने की चुनौती थी। शुरूआती कई सालों में अफगान टीम ने काफी संघर्ष किया और फिर धीरे-धीरे प्रगति शुरू की। हालांकि, बड़े टूर्नामेंट में अफगानिस्तान को सफलता प्राप्त नहीं हो रही थी और इस चीज में सफलता दिलाने का काम जोनाथन ट्रॉट ने किया।
ट्रॉट की कोचिंग (Coaching) में ही 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में अफगान टीम ने सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। वहीं, इससे पहले 2023 वनडे वर्ल्ड कप में भी अफगानिस्तान ने अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया था। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अफगानिस्तान का सफर ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाया लेकिन इस दौरान उसने इंग्लैंड के खिलाफ जबरदस्त जीत हासिल की।
ऐसे में जोनाथन ट्रॉट के साथ अफगानिस्तान ने काफी अच्छा सफर तय किया। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज ट्रॉट ने 2022 में अफगानिस्तान के हेड कोच (Head Coach) का पद संभाला था और फरवरी, 2026 तक टीम के साथ रहे। इस तरह उन्होंने लगभग चार साल तक हेड कोच के रूप में अफगान टीम को अपनी सेवाएं दी।
𝐆𝐫𝐚𝐭𝐢𝐭𝐮𝐝𝐞 𝐟𝐨𝐫 𝐚 𝐉𝐨𝐮𝐫𝐧𝐞𝐲 𝐟𝐢𝐥𝐥𝐞𝐝 𝐰𝐢𝐭𝐡 𝐏𝐫𝐨𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐏𝐫𝐢𝐝𝐞 🙌
Thank you, @Trotty, for your outstanding services as the head coach of #AfghanAtalan since 2022. 👏
Your impact will always be remembered. 🤩#GloriousNationVictoriousTeam pic.twitter.com/H8DPWNmS57
— Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) February 19, 2026
जोनाथन ट्रॉट को किस्मत से मिला था अफगानिस्तान के हेड कोच (Head Coach) का पद
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम का हेड कोच (Head Coach) का पद जोनाथन ट्रॉट को किस्मत से मिला था, क्योंकि वो कभी भी इस पोजीशन के लिए इच्छुक नहीं थे और न ही उन्होंने अप्लाई किया था। शुरुआत में अफगान टीम ने ग्राहम थोर्प को साइन किया था और ट्रॉट को सपोर्ट स्टाफ में जगह मिलने की उम्मीद थी लेकिन बाद में उन्हें यह रोल मिल गया। इसका खुलासा खुद ट्रॉट ने किया। उन्होंने बताया,
“मैंने बैटिंग कोच के पद के लिए इंटरव्यू दिया था, लेकिन समय की कमी और ऑफर जैसी बातों के कारण यह मेरे लिए उपयुक्त नहीं था, इसलिए मैंने इसे ठुकरा दिया। फिर, दुर्भाग्यवश, ग्राहम के जीवन में कुछ ऐसी परिस्थितियाँ आ गईं कि वे इस अवसर को नहीं अपना सके, इसलिए मुझे मुख्य कोच का पद ऑफर किया गया। और मैंने खुशी-खुशी इसे स्वीकार कर लिया।”
बता दें कि ट्रॉट का अफगानिस्तान के साथ शुरुआती कार्यकाल 18 महीने का था, लेकिन उन्हें 2024 में 12 महीने का विस्तार दिया गया और फिर 2025 तक के लिए भी। अपने विदाई भाषण में, उन्होंने आशा व्यक्त की कि अफगानिस्तान 2027 वर्ल्ड कप से पहले और अधिक तेज गेंदबाजों को विकसित करेगा, जो दक्षिण अफ्रीका की सीम-अनुकूल पिचों पर आयोजित किया जाएगा, लेकिन उन्होंने वर्षों में हासिल की गई बल्लेबाजी क्षमता की प्रशंसा की।
FAQs
अफगानिस्तान टीम के साथ जोनाथन ट्रॉट का कार्यकाल लगभग कितने साल का रहा?
जोनाथन ट्रॉट के कार्यकाल में अफगानिस्तान की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?
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