19-year-old player commits suicide: भारतीय महिला क्रिकेट के लिए आज बहुत बड़ा दिन है, क्योंकि 12 जून से 5 जुलाई तक इंग्लैंड की मेजबानी में खेले जाने वाले विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के लिए स्क्वाड का ऐलान होना है। BCCI ने हाल ही में घोषणा की थी कि 2 मई को 15 सदस्यीय स्क्वाड का खुलासा किया जाएगा। टूर्नामेंट को लेकर ज्यादा बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है लेकिन कुछ नए चेहरों के अच्छे प्रदर्शन ने सिरदर्दी बढ़ाने का काम जरूर किया है।
हर खिलाड़ी की इच्छा वर्ल्ड कप खेलने की होती है। ऐसे में जिन्हें अच्छे परफॉरमेंस के बावजूद नजरअंदाज किया जाएगा, उन्हें काफी निराशा भी होगी। यह बात सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेट में ही नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट से लेकर उन सभी पर लागू होती है, जो आगे बढ़ने से चूक जाते हैं। हालांकि, कुछ खिलाड़ी फिर से कड़ी मेहनत कर दोबारा कोशिश करते हैं लेकिन कुछ अंदर टूट जाते हैं। ऐसा ही एक मामला पुडुचेरी से आया है, जहां एक 19 वर्षीय खिलाड़ी (Player) (Player)ने सिलेक्शन न होने पर आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया और अपनी जान दे दी।
युवा महिला खिलाड़ी (Player) ने चयन न होने पर की आत्महत्या

भारत में काफी सालों तक सिर्फ पुरुषों में ही क्रिकेट को लेकर दीवानगी देखी जाती थी और युवा खिलाड़ी (Player) क्रिकेटर बनने के लिए अकेडमी वगैरह में तैयारी कर आगे बढ़ने का प्रयास करते थे। हालांकि, अब भारतीय महिला क्रिकेट टीम के धमाकेदार प्रदर्शन ने काफी बड़ी मात्रा में लड़कियों को क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित किया है और उन्हें विश्वास दिलाया है कि मेहनत से वे भी इंटरनेशनल लेवल तक पहुंच सकती हैं। हालांकि, वहां तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में पसीना बहाना पड़ता है लेकिन कई बार अच्छा करने के बावजूद सफलता नहीं मिलती है।
ऐसा ही कुछ 19 साल की एक क्रिकेटर के साथ हुआ है, जो पिछले दो साल पुडुचेरी में रह रही थी। हाल ही में उसने पुडुचेरी टी20 टीम में चयन के लिए ट्रायल में हिस्सा लिया था लेकिन जब अंतिम लिस्ट सामने आई तो उसका नाम नहीं था। इससे उसे काफी निराशा हुई और उसने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली।
प्रैक्टिस से लौटकर महिला खिलाड़ी (Player) ने की आत्महत्या, मकान मालिक ने दी जानकारी
इस खिलाड़ी (Player) की पहचान एंजेल गंगवानी के रूप में हुई है। उनके पिता का नाम कश्मीर कुमार है, जो जीएसटी अधीक्षक हैं और पिछले 12 साल से चेन्नई में रह रहे हैं। एंजेल पिछले दो वर्षों से पुडुचेरी में सोक्कनाथनपेट में किराए के मकान में रह रही थी। वह बीबीए की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और वेलरामपेट के एक निजी कॉलेज में पढ़ती थी। वहीं, थिलासपेट में क्रिकेट ट्रेनिंग ले रही थी। हाल ही में थुतिपेट में उसने क्रिकेट ट्रायल में हिस्सा लिया था, लेकिन उसका चयन नहीं हुआ। इससे निराश होकर उसने अपना नाम वापस ले लिया था।
रिपोर्ट के अनुसार, घर के मालिक ने बताया कि बुधवार को महिला खिलाड़ी (Player) रात 8 बजे प्रैक्टिस से घर आई। देर रात जब उसके कोच ने उससे संपर्क करने की कोशिश की तो उसने जवाब नहीं दिया। कोच उसकी खैरियत जानने उसके घर गया और उसे कमरे में छत के पंखे से लटका हुआ पाया। इसके बाद मकान मालिक और कोच उसे काथिरकम्म स्थित एक सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, जहां पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
खिलाड़ी ने असफलता के दबाव में दी अपनी जान
एंजेल अभी सिर्फ 19 वर्ष की थी और चाहती तो मेहनत के दम पर दोबारा ट्रायल के माध्यम से आगे बढ़ने का प्रयास कर सकती थी लेकिन पुडुचेरी टी20 टीम में जगह न बना पाने की असफलता उस पर भारी पड़ गई और उसने आत्महत्या कर ली। इससे पता चलता है कि आज के समय में खिलाड़ियों पर भी मानसिक रूप से काफी दबाव होता है। इंटरनेशनल क्रिकेट में भी कई बार प्लेयर्स ने मानसिक थकान का हवाला देकर क्रिकेट से दूरी बनाई है लेकिन इस तरह आत्महत्या का मामला नहीं देखने को मिला है।
ऐसे में कोच, दोस्त और परिवार का फर्ज बनता है कि जब कोई खिलाड़ी असफल हो तो उसे प्रोत्साहित करें और हौसला बढ़ाएं। ये छोटी-छोटी चीजें भी उस समय हिम्मत देने का काम करती हैं।
FAQs
आत्महत्या करने वाली 19 वर्षीय क्रिकेटर का नाम क्या है?
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