BCCI : भारतीय क्रिकेट में इस समय बड़े बदलाव और भविष्य की योजनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम मैनेजमेंट और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अब अगले बड़े टूर्नामेंट्स, खासकर 2028 टी20 वर्ल्ड कप और लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स को ध्यान में रखते हुए रणनीति बना रहे हैं।
इसी कड़ी में हेड कोच के पद को लेकर भी बड़ी खबर सामने आई है, जहां वर्ल्ड कप विजेता कोच गौतम गंभीर को लंबी अवधि तक जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी चल रही है। हालांकि, इस पूरे समीकरण के बीच कप्तान सूर्यकुमार यादव की फॉर्म भी एक अहम मुद्दा बनी हुई है।
गौतम गंभीर पर BCCI का भरोसा बरकरार

जुलाई 2024 में भारतीय टीम के हेड कोच बने गौतम गंभीर ने अपने कार्यकाल में सीमित ओवर क्रिकेट में शानदार सफलता दिलाई है। 2025 में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप बिना कोई मैच गंवाए जीते, वहीं 2026 में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब भी अपने नाम किया।
इन उपलब्धियों के बाद BCCI का भरोसा गंभीर पर और मजबूत हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड उनके कॉन्ट्रैक्ट को 2028 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ाने पर विचार कर रहा है, ताकि टीम को लंबे समय तक स्थिर नेतृत्व मिल सके।
टेस्ट फॉर्मेट में प्रदर्शन बना चिंता का कारण
जहां सीमित ओवर क्रिकेट में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, वहीं टेस्ट क्रिकेट में नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। गंभीर के कार्यकाल में भारत ने छह में से तीन टेस्ट सीरीज़ गंवाई हैं, जिनमें घरेलू मैदान पर मिली क्लीन स्वीप हार भी शामिल है।
न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार ने टीम की टेस्ट रणनीति पर सवाल खड़े किए। इसी वजह से कुछ समय के लिए गंभीर की कोचिंग पर भी आलोचना हुई, लेकिन बोर्ड ने उन्हें पूरा समर्थन दिया।
सूर्यकुमार यादव की फॉर्म पर नजर
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले सूर्यकुमार यादव फिलहाल अपने प्रदर्शन को लेकर दबाव में हैं। वर्ल्ड कप में शानदार शुरुआत के बाद उनका बल्ला शांत हो गया, और आईपीएल 2026 में भी वे निरंतर रन नहीं बना पाए हैं।
चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की नजर अब उनकी निरंतरता पर है, क्योंकि कप्तान के तौर पर उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज़ उनके लिए निर्णायक साबित हो सकती हैं।
2028 के बड़े इवेंट्स को लेकर रणनीति
BCCI और टीम मैनेजमेंट अब 2028 टी20 वर्ल्ड कप और ओलंपिक्स को ध्यान में रखते हुए लंबी योजना बना रहे हैं। उस समय सूर्यकुमार यादव की उम्र 38 साल के करीब होगी, ऐसे में चयन समिति को भविष्य और अनुभव के बीच संतुलन बनाना होगा।
अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति इस बात पर विचार कर रही है कि क्या सूर्या को लंबे समय तक कप्तान बनाए रखना सही फैसला होगा या नए विकल्पों पर भी ध्यान देना चाहिए।
इन सभी पहलुओं को देखते हुए साफ है कि भारतीय क्रिकेट आने वाले वर्षों में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजरने वाला है, जहां कोच, कप्तान और टीम संयोजन तीनों ही स्तर पर बड़े फैसले लिए जाएंगे।