Arshdeep Singh : आईपीएल 2026 का लीग चरण अब आख्रिरी पड़ाव पर पहुंच चूका हैं और क्रिकेट मैदान में खिलाड़ियों के प्रदर्शन अब ज़्यादा चर्चा खिलाड़ियों के व्यवहार और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर हो रही है।
भारतीय तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) अब एक नये विवादों में घेरे में आ चुके हैं , जिसने क्रिकेट जगत में बड़ी बहस छेड़ दी है। ‘ओए अंधेरे’ टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ यह मामला अब इतना बढ़ चुका है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने अर्शदीप (Arshdeep Singh) पर IPL से बैन लगाने तक की मांग कर दी है। इस पूरे विवाद ने BCCI की अनुशासन व्यवस्था और खिलाड़ियों की सोशल मीडिया जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया वीडियो से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, पूरा मामला एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें कथित तौर पर अर्शदीप सिंह को तिलक वर्मा पर “ओए अंधेरे, सनस्क्रीन नहीं लगाई क्या?” जैसी टिप्पणी करते हुए सुना जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सामने आने के बाद इसे नस्लीय और अपमानजनक व्यवहार से जोड़कर देखा जाने लगा।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टिप्पणी किस संदर्भ में की गई थी, लेकिन क्रिकेट फैंस और पूर्व खिलाड़ियों के बीच इसको लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस विवाद के बीच कई लोगों ने खिलाड़ियों के सार्वजनिक व्यवहार पर सवाल उठाए।
आईपीएल जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों की हर गतिविधि पर करोड़ों लोगों की नजर रहती है, ऐसे में किसी भी विवादित टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया जा रहा है। यही वजह है कि यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
Arshdeep Singh with this L face has the audacity to comment on Tilak Verma’s skin tone & looks and the surrounding players were openly enjoying that racist remark😞💔
I don’t understand why Tilak Verma didn’t say a single word to that fraud overrated pacer ‘Arshdeep Singh’. He… pic.twitter.com/9yVdp6f3xc
— Gillfied⁷ (@Gill_Iss) May 14, 2026
शिवरामकृष्णन ने उठाई कड़ी कार्रवाई की मांग
पूर्व भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने इस पूरे मामले पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट करते हुए कहा कि अगर BCCI इस तरह की घटनाओं पर सख्त कदम नहीं उठाता, तो भविष्य में ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) को IPL से बैन करने पर विचार होना चाहिए।
शिवरामकृष्णन ने अपनी पोस्ट में यह भी दावा किया कि उनके साथ भी अपने करियर के दौरान नस्लीय दुर्व्यवहार हुआ था। उन्होंने कहा कि अगर BCCI मौजूदा खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करता है, तो वह उन लोगों के नाम सार्वजनिक करेंगे जिन्होंने उनके साथ गलत व्यवहार किया था। उनके इस बयान के बाद विवाद ने और ज्यादा तूल पकड़ लिया है।
I told you guys. Tilak can’t say anything now as he is in early part of his career. But BCCI with this proof can take action
— Laxman Sivaramakrishnan (@LaxmanSivarama1) May 15, 2026
BCCI की गाइडलाइंस पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर BCCI की अनुशासन नीति और सोशल मीडिया गाइडलाइंस को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले बोर्ड ने सभी फ्रेंचाइज़ियों और खिलाड़ियों के लिए सात पन्नों की एक एडवाइज़री जारी की थी, जिसमें मैदान के बाहर व्यवहार और ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर सख्त निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद लगातार खिलाड़ियों से जुड़े विवाद सामने आ रहे हैं। इसी महीने अर्शदीप सिंह का नाम एक और विवाद में सामने आया था, जब उनके एक व्लॉग में कथित तौर पर युजवेंद्र चहल वेपिंग विवाद को लेकर चर्चा में आए थे। ऐसे मामलों ने बोर्ड के सामने यह चुनौती खड़ी कर दी है कि खिलाड़ियों की निजी और सार्वजनिक गतिविधियों के बीच सीमा कैसे तय की जाए।
क्या BCCI करेगा आधिकारिक कार्रवाई?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या BCCI इस पूरे मामले में आधिकारिक जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। मौजूदा IPL आचार संहिता के मुताबिक कोई भी ऐसा व्यवहार, जिससे खेल की छवि खराब होती हो या खेल भावना के खिलाफ माना जाए, उसकी समीक्षा मैच रेफरी या बोर्ड की अनुशासन समिति द्वारा की जा सकती है।
फिलहाल बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन क्रिकेट जगत की निगाहें अब इसी फैसले पर टिकी हैं। IPL 2026 अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है और ऐसे समय में यह विवाद लीग की छवि पर भी असर डाल सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि BCCI इस मामले को केवल सोशल मीडिया विवाद मानता है या फिर खिलाड़ियों के खिलाफ किसी सख्त कदम की तरफ बढ़ता है।
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