World Cup 2027 : आईपीएल 2026 अब अपने आखिरी चरण में पहुंच चुका है और इसका फाइनल मुकाबला 31 मई को खेला जाएगा। इसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट का दौर शुरू होगा, जिसके चलते भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी अपना पूरा फोकस एक बार फिर टीम इंडिया की आगामी सीरीज़ पर लगाना शुरू कर दिया है। आईपीएल समाप्त होने के बाद टीम इंडिया को जून में अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट और तीन वनडे मैचों की सीरीज़ खेलनी है।
इस सीरीज़ के लिए टीम चयन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय क्रिकेट चयन समिति 19 मई को टीम इंडिया का ऐलान कर सकती है। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा विकेटकीपर की जगह को लेकर हो रही है, जहां 2027 वनडे वर्ल्ड कप (World Cup 2027) की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है।
केएल राहुल पर चयनकर्ताओं का भरोसा कायम
टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज़ केएल राहुल 2027 वनडे वर्ल्ड कप (World Cup 2027) के लिए टीम इंडिया के मुख्य विकेटकीपर बने रहेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक चयनकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि केएल राहुल ही टीम इंडिया की पहली पसंद के विकेटकीपर होंगे।
पिछले कुछ वर्षों में राहुल ने वनडे क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और बतौर विकेटकीपर भी खुद को साबित किया है। उन्होंने मध्यक्रम में बल्लेबाजी में स्थिरता और बड़े मैचों का अनुभव चयनकर्ताओं को काफी प्रभावित किया हैं। यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट लंबे समय की योजना के तहत उन्हें लगातार सपोर्ट कर रहा है।
वनडे फॉर्मेट में केएल राहुल के पास काफी अनुभव हैं और उन्होंने कई मौकों पर टीम इंडिया को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है। मिडिल ऑर्डर में उनकी शांत बल्लेबाजी और परिस्थिति के अनुसार खेलने की क्षमता उन्हें बाकी विकेटकीपर बल्लेबाजों से अलग बनाती है। चयनकर्ताओं का मानना है कि 2027 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अनुभव काफी अहम भूमिका निभाएगा।
वनडे से रिषभ पंत का कटेगा पत्ता
दूसरी तरफ ऋषभ पंत के लिए हालात मुश्किल होते दिखाई दे रहे हैं। IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए बतौर कप्तान और बल्लेबाज़ उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। उनकी कप्तानी में IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन काफी ख़राब रहा हैं और टीम ने अबतक 11 मैचों में तीन जीत और आठ हार के साथ आखिरी पायदान पर हैं और प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैं।
उन्होंने बल्लेबाज़ी में भी काफी खराब प्रदर्शन किया है। उन्होंने 11 मैचों में 27.89 की औसत और 138.67 के स्ट्राइक रेट से महज़ 251 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। सबसे बड़ी बात यह है कि पंत पिछले करीब दो साल से भारत के लिए कोई वनडे मुकाबला नहीं खेल पाए हैं।
ऐसे में चयनकर्ता अब वनडे टीम में नए विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। पंत की आक्रामक बल्लेबाजी हमेशा उनकी ताकत रही है, लेकिन वनडे फॉर्मेट में लगातार प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से उनकी जगह खतरे में पड़ गई है। माना जा रहा है कि अफगानिस्तान सीरीज़ के वनडे मुकाबलों में उन्हें मौका मिलना मुश्किल हो सकता है।
वनडे में ईशान किशन की हो सकती हैं वापसी
ईशान किशन इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और यही वजह है कि वनडे में उनकी टीम इंडिया में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। T20 वर्ल्ड कप 2026 में उन्होंने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी और IPL 2026 में भी लगातार रन बना रहे हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज शुरुआत देने की क्षमता चयनकर्ताओं को काफी पसंद आ रही है।
ईशान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह विकेटकीपिंग के साथ-साथ बतौर ओपनर और मिडिल आर्डर में बल्लेबाज़ी करके मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। टीम इंडिया भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें लगातार मौके देना चाहती है ताकि बड़े टूर्नामेंट से पहले उनका अनुभव और आत्मविश्वास दोनों बढ़ सके।
टेस्ट टीम में नए चेहरों को मौका
चयनकर्ता अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और 2027 वनडे वर्ल्ड कप की लंबी तैयारी पर फोकस कर रहे हैं। इसी कारण युवा खिलाड़ियों को मौका देकर नई टीम तैयार करने की रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है। वहीं अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा के चयन को लेकर भी टीम मैनेजमेंट के भीतर बड़ी चर्चा चल रही है।
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