इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL को लेकर एक बड़ा बदलाव भविष्य में देखने को मिल सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानि बीसीसीआई अब टूर्नामेंट के मौजूदा मार्च-मई शेड्यूल को बदलने पर विचार कर रहा है।
IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने संकेत दिए हैं कि आने वाले वर्षों में लीग को सितंबर-अक्टूबर की विंडो में आयोजित किया जा सकता है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह भारत में लगातार बढ़ती गर्मी, खिलाड़ियों की थकान और भविष्य में मैचों की संख्या बढ़ाने की योजना मानी जा रही है।
सितंबर-अक्टूबर विंडो पर क्यों हो रहा विचार?
IPL की शुरुआत से ही यह टूर्नामेंट मार्च से मई के बीच खेला जाता रहा है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में भारत के कई हिस्सों में मई महीने की गर्मी काफी ज्यादा बढ़ गई है। कई मैचों के दौरान खिलाड़ियों को अत्यधिक तापमान और उमस का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी फिटनेस और प्रदर्शन दोनों प्रभावित होते हैं।
अरुण धूमल ने कहा कि BCCI अब ऐसे विकल्पों पर विचार कर रही है, जहां टूर्नामेंट को अधिक अनुकूल मौसम में आयोजित किया जा सके। सितंबर और अक्टूबर का समय मौसम के लिहाज से अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है। इस दौरान खिलाड़ियों को गर्मी से राहत मिलेगी और लंबे टूर्नामेंट का आयोजन भी आसान हो सकता है।
दिवाली सीज़न बना सकता है IPL को और ज्यादा फायदेमंद
BCCI सिर्फ मौसम ही नहीं बल्कि व्यावसायिक पहलुओं को भी ध्यान में रखकर इस बदलाव पर विचार कर रही है। सितंबर-अक्टूबर का समय भारत में त्योहारों का सीज़न होता है और दिवाली से पहले विज्ञापन बाजार काफी सक्रिय रहता है। ऐसे में IPL की ब्रॉडकास्ट वैल्यू और विज्ञापन से होने वाली कमाई में बड़ा इजाफा हो सकता है।
अरुण धूमल ने साफ कहा कि विज्ञापनदाताओं के नजरिए से यह समय बेहद शानदार माना जाता है। यही वजह है कि BCCI भविष्य के मीडिया और ब्रॉडकास्ट टेंडर को ध्यान में रखते हुए इस विकल्प पर गंभीरता से चर्चा कर सकती है। हालांकि किसी भी अंतिम फैसले से पहले ब्रॉडकास्टर्स और अन्य क्रिकेट बोर्डों से बातचीत जरूरी होगी।
2028 से बढ़ सकते हैं IPL के मुकाबले
फिलहाल IPL में 10 टीमें हिस्सा लेती हैं और पूरे सीजन में कुल 74 मैच खेले जाते हैं। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक 2028 से मैचों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। ऐसे में मौजूदा दो महीने की विंडो में पूरे टूर्नामेंट को फिट करना मुश्किल हो सकता है।
BCCI इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या IPL को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। एक हिस्सा फरवरी से अप्रैल के बीच और दूसरा साल के आखिरी महीनों में आयोजित किया जा सकता है। इससे खिलाड़ियों के वर्कलोड को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद मिल सकती है और टूर्नामेंट का विस्तार भी आसानी से किया जा सकेगा।
वैश्विक क्रिकेट पर भी पड़ेगा बड़ा असर
IPL सिर्फ भारत की लीग नहीं रह गई है, बल्कि अब यह दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग बन चुकी है। दुनियाभर के बड़े खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेते हैं और कई क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों की उपलब्धता IPL को ध्यान में रखकर तय करते हैं।
ऐसे में टूर्नामेंट की विंडो बदलने का असर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर पर भी पड़ सकता है। अरुण धूमल ने कहा कि BCCI कोई भी फैसला अकेले नहीं लेना चाहती। बोर्ड दुनिया के अन्य क्रिकेट बोर्डों और खिलाड़ियों के साथ बातचीत करके ऐसा समाधान निकालना चाहता है, जो वैश्विक क्रिकेट और IPL दोनों के लिए बेहतर साबित हो।
आने वाले समय में IPL के शेड्यूल को लेकर बड़ी चर्चा देखने को मिल सकती है और संभव है कि क्रिकेट फैंस को भविष्य में IPL बिल्कुल नए समय पर देखने को मिले।