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“शतक नहीं, ट्रॉफी चाहिए”, पहले बल्ले और अब बयान से वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल

"शतक नहीं, ट्रॉफी चाहिए", पहले बल्ले और अब बयान से Vaibhav Sooryavanshi ने जीता दिल

Vaibhav Sooryavanshi Heart-Winning Statement: IPL 2026 में प्लेऑफ के मुकाबले खेले जा रहे हैं लेकिन अभी तक जो दो मैच हुए हैं, एकतरफा ही रहे हैं। क्वालीफायर 1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 92 रनों से बड़ी जीत दर्ज की। वहीं, एलिमिनेटर में राजस्थान रॉयल्स को 47 रनों से सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ जीत मिली।

अब 29 मई को क्वालीफायर 2 में राजस्थान का सामना गुजरात से मुल्लांपुर में ही होगा। ऐसे में GT की तुलना में RR को कंडीशंस का अच्छा आईडिया रहेगा, क्योंकि उसने एलिमिनेटर इसी वेन्यू पर खेला है। राजस्थान और गुजरात में से जो भी टीम जीत हासिल करेगी, 31 मई को अहमदाबाद में बेंगलुरु के खिलाफ खिताबी मैच खेलने उतरेगी।

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की जीत के हीरो वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) रहे, जिन्होंने रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली और 29 गेंदों में 97 रन बनाकर हाहाकार मचा दिया। उन्हें तूफानी पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मुकाबले में वैभव ने अपने बल्ले से सभी का दिल जीता, वहीं मैच के बाद उन्होंने एक ऐसा बयान दिया, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। वैभव ने कई अहम चीजों पर प्रतिक्रिया दी लेकिन सबसे अहम बात कही कि उनका ध्यान शतक पर नहीं, बल्कि ट्रॉफी जीतने पर है।

जीत के जश्न और माइंडसेट को लेकर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने कही बड़ी बात

"शतक नहीं, ट्रॉफी चाहिए", पहले बल्ले और अब बयान से Vaibhav Sooryavanshi ने जीता दिल

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की जीत के बाद, पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने कहा कि अगले मैच के लिए वे सकरात्मत्क चीजों के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं और इसी तरह से जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा,

“जब हम जीतते हैं, तो हम उस सकारात्मक भावना लेकर अगले मैच की ओर बढ़ते हैं। और हम अगले मैच को भी उसी तरह जीतने और फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेंगे।”

इसके बाद, वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने अपने माइंडसेट और तैयारी को लेकर कहा,

“मैं थोड़ा बहुत सोचता तो हूं, लेकिन ज्यादा नहीं। मैं बस अपना खेल खेलने की कोशिश करता हूं और ज्यादा सोचता नहीं हूं। लेकिन अगर मुझे लगता है कि मुझे किसी चीज पर काम करने की जरूरत है, तो मैं उस पर ध्यान देता हूं। मैं बस विपक्षी टीम के गेंदबाजों के बारे में सोचता हूं, इस विकेट पर मैं उनका सामना कैसे कर सकता हूं, बाउंड्री कितनी बड़ी हैं, बस इसी तरह की बातें। मैं बस अपने इरादे में सकारात्मक रहने की कोशिश करता हूं। जब मैं ऐसा करता हूं, तो गेंदबाज दबाव में रहते हैं। इसलिए मैं इसे जारी रखने और खेल पर हावी होने की कोशिश करता हूं।”

वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) का पूरा ध्यान ट्रॉफी जीतने पर

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के पास आईपीएल में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका था, लेकिन वह चूक गए। जब सूर्यवंशी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब वह आउट हुए तब इस बारे में पता चला। हालांकि, 15 वर्षीय बल्लेबाज ने साफ़ कर दिया कि अभी उनका पूरा ध्यान ट्रॉफी जीतने पर है। उन्होंने कहा,

“मुझे आउट होने के बाद ही पता चला। उस समय मेरा पूरा ध्यान यही था कि मैं अपना योगदान दूं, क्योंकि शतक तो बनते ही रहेंगे, लेकिन अभी मेरा ध्यान ट्रॉफी जीतने पर है। अगर मुझे कहीं कोई परेशानी महसूस होती है, तो मैं उस पर काम करता हूं। मैं विपक्षी टीम की योजनाओं के बारे में नहीं सोचता, वो उनकी योजना है। मैं अपनी योजना पर ध्यान देता हूं और बस सामान्य क्रिकेट खेलने की कोशिश करता हूं।”

FAQs

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर में वैभव सूर्यवंशी ने कितने रन बनाए?
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Prashant Kumar

प्रशांत कुमार क्रिकेट के लेखक हैं, जो इस क्षेत्र में पांच साल से ज्यादा का अनुभव...

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