Virat Kohli : भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज़ विराट कोहली ने पिछले साल मई में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था और अब उन्होंने आखिरकार अपने टेस्ट रिटायरमेंट को लेकर चल रही चर्चाओं पर खुलकर बात की है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पॉडकास्ट में मयंती लैंगर के साथ बातचीत के दौरान कोहली ने अपने मन की कई ऐसी बातें साझा कीं,
जिनके बाद फैंस के बीच नई बहस छिड़ गई है। पिछले कुछ समय से उनके टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के फैसले को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे थे। अब खुद विराट ने इस फैसले के पीछे की मानसिक स्थिति और माहौल को लेकर अपनी राय सामने रखी है।
टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के पीछे क्या थी Virat Kohli की सोच
बातचीत के दौरान विराट कोहली (Virat Kohli) ने साफ कहा कि वह ऐसे माहौल में लंबे समय तक नहीं रह सकते, जहां उन्हें लगातार अपनी अहमियत साबित करनी पड़े। उन्होंने बताया कि उनके लिए टीम का माहौल बेहद मायने रखता है और अगर उन्हें यह महसूस होता है कि वह टीम के लिए योगदान दे सकते हैं और टीम भी उन पर भरोसा करती है, तभी वह वहां बने रहना पसंद करेंगे।
कोहली ने कहा कि वह अब उस दौर में नहीं हैं जहां हर समय खुद को साबित करने का दबाव महसूस करें। उनके इस बयान के बाद फैंस ने यह मानना शुरू कर दिया कि टीम मैनेजमेंट के भीतर कुछ ऐसा जरूर था जिसने उन्हें यह फैसला लेने पर मजबूर किया। हालांकि विराट ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके शब्दों ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए।
गौतम गंभीर को लेकर क्यों शुरू हुई चर्चा
पॉडकास्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को लेकर हुई। कई फैंस ने अंदाजा लगाया कि क्या गंभीर और विराट के बीच मतभेदों का असर उनके टेस्ट रिटायरमेंट पर पड़ा। पिछले कुछ वर्षों में दोनों के रिश्तों को लेकर कई बार खबरें सामने आई थीं और आईपीएल के दौरान भी दोनों के बीच तनाव देखने को मिला था।
हालांकि इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि गौतम गंभीर का विराट के फैसले में कोई सीधा रोल था। विराट ने भी बातचीत में किसी व्यक्ति विशेष का जिक्र नहीं किया। बावजूद इसके, उनके बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि टीम के भीतर का माहौल उनके लिए पहले जैसा नहीं रह गया था।
शानदार टेस्ट करियर का हुआ अंत
विराट कोहली (Virat Kohli) ने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी। उनकी आखिरी टेस्ट सीरीज़ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रही। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 123 मैच खेले और 46.85 के औसत से 9,230 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 30 शतक और 31 अर्धशतक निकले और वह 10 हजार टेस्ट रन के आंकड़े से थोड़ा पीछे रह गए।
विराट का टेस्ट करियर भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में से एक माना जाता है। उनकी कप्तानी में भारत ने विदेशी धरती पर कई ऐतिहासिक जीत दर्ज कीं। आक्रामक कप्तानी, फिटनेस कल्चर और जीत की भूख ने उन्हें भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े चेहरों में शामिल कर दिया।
वनडे वर्ल्ड कप 2027 और आईपीएल 2026 को लेकर विराट का बयान
टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी विराट कोहली वनडे क्रिकेट खेलना जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलना पसंद करेंगे। कोहली ने बताया कि अभी उनका पूरा फोकस 50 ओवर क्रिकेट पर है और वह भारत के लिए योगदान देने को लेकर उत्साहित हैं।
वहीं IPL 2026 में भी विराट कोहली का बल्ला जमकर बोल रहा है। आरसीबी के लिए खेलते हुए उन्होंने 14 पारियों में 484 रन बनाए हैं। उनका औसत 53 से ज्यादा का रहा है, जबकि स्ट्राइक रेट 165 के पार पहुंच चुका है। इसके अलावा वह ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।
इस सीजन में कोहली ने अपना नौवां आईपीएल शतक भी जड़ा और एक बार फिर साबित कर दिया कि बढ़ती उम्र के बावजूद उनकी फिटनेस, भूख और रन बनाने की निरंतरता में कोई कमी नहीं आई है।
Why did Virat retire from Test cricket, and will he play the 2027 World Cup or not?
Virat has answered everything: https://t.co/WshqgB7ita pic.twitter.com/WdSn1TMJk1
— Aditya Saha (@Adityakrsaha) May 15, 2026
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