Sunil Gavaskar demands a change in this IPL Rule: आईपीएल 2026 में आधे से ज्यादा मुकाबले खेले जा चुके हैं। आज लीग स्टेज का 39वां मैच खेला जा रहा है, जो दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में है। एक तरफ लीग में लगातार रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं, वहीं सुनील गावस्कर ने खास चीज को लेकर नाराजगी जताई है।
दरअसल, इस भारतीय दिग्गज की नाराजगी IPL में लगातार स्लो ओवर रेट के मामलों को लेकर है। इस सीजन कई बार टीमें अपने तय समय में पूरे ओवर खत्म करने में नाकाम रहीं हैं, जिसकी वजह से मैच की लेंथ पर भी असर पड़ा है। ज्यादातर मुकाबले साढ़े तीन घंटे के आसपास खत्म हुए हैं। वहीं, कुछ मैच चार घंटे तक भी चले हैं। इस चीज को लेकर गावस्कर खुश नहीं हैं और उन्होंने नाराजगी जाहिर की है।
सुनील गावस्कर ने IPL मैचों में स्लो ओवर रेट से निपटने के लिए BCCI से की खास चीज पर रोक लगाने की मांग

BCCI ने स्लो ओवर रेट की समस्या से निपटने के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान भी रखा है। वहीं, इस IPL सीजन से पहले तक कप्तान पर बैन भी लगा दिया जाता था। हालांकि, इन सब के बावजूद समय पर ओवरों को खत्म ना कर पाने की दिक्कत दूर नहीं हुई। इस सीजन भी कुछ ऐसा ही ट्रेंड जारी है और रॉयल चैलेंजर्स बनाम मुंबई इंडियंस मुकाबला 4 घंटे 22 मिनट तक चला था, जो मौजूदा सीजन में अब तक का सबसे लंबा मैच है।
लगातार स्लो ओवर रेट की समस्या को देखते हुए सुनील गावस्कर ने BCCI से IPL मैचों के दौरान स्पोर्ट स्टाफ और रिजर्व खिलाड़ियों के मैदान में आने को लेकर रोक लगाने की मांग की है, ताकि इससे देरी कम हो।
IPL मैच के दौरान अतिरिक्त सपोर्ट स्टाफ और रिजर्व खिलाड़ियों के फील्ड में आने को लेकर जताई नाराजगी
मिड-डे के लिए अपने कॉलम में सुनील गावस्कर ने लिखा,
“अक्सर देखा जाता है कि रिजर्व खिलाड़ी बाउंड्री के पास खड़े फील्डर को पानी की बोतल देने के लिए मैदान पर आ जाते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि इसका मतलब है कि खेल के दौरान, यहां तक कि गेंदों के बीच में भी, मैदान पर 11 से अधिक खिलाड़ी मौजूद हैं। स्ट्रैटेजिक टाइम-आउट के दौरान भी अक्सर मैदान पर आधा दर्जन लोग दिखाई देते हैं, जिनमें वे बल्लेबाज भी शामिल होते हैं जो अभी बल्लेबाजी करने नहीं आए हैं। यह सरासर मनमानी है। पेय पदार्थ लेकर आने वाले दो रिजर्व खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के दो सदस्यों के अलावा, मैदान पर किसी और को आने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।”
फील्ड में अनुशासन बनाए रखने के महत्व का किया जिक्र
सुनील गावस्कर ने अपने कॉलम में आगे दिग्गज कमेंटेटर रिची बेनॉड का हवाला देते हेउ फील्ड में अनुशासन बनाए रखने के महत्व के बारे में जिक्र किया। उन्होंने लिखा,
“जैसा कि रिची बेनॉड ने मेरे प्रसारण करियर की शुरुआत में मुझसे कहा था, मैदान एक पवित्र स्थान है और इसमें केवल अंपायरिंग करने वाले और खेलने वाले खिलाड़ियों को ही प्रवेश करना चाहिए। यही कारण है कि अगर मैं पिच रिपोर्ट या टीवी शो नहीं कर रहा होता, तो मैं शायद ही कभी मैदान पर कदम रखता हूं। उम्मीद है कि बीसीसीआई यह भी सुनिश्चित करेगा कि समिति के सदस्य भी मैदान की सीमा पार न करें। कृपया खेल के मैदान की पवित्रता बनाए रखें।”
इसके अलावा गावस्कर ने यह भी सुझाव दिया कि विकेट गिरने के बाद नए बल्लेबाज के आने के लिए समय को सिर्फ एक मिनट तक सीमित कर देना चाहिए, क्योंकि अब सभी बल्लेबाज ड्रेसिंग रूम के बजाय डगआउट में होते हैं। गावस्कर ने लिखा,
“चूंकि सभी बल्लेबाज पहले ही डगआउट में जा चुके हैं, इसलिए दो मिनट की समय सीमा को घटाकर एक मिनट किया जा सकता है। यदि कोई बल्लेबाज फिर भी गेंदबाज का सामना करने के लिए तैयार नहीं है, तो कुछ चेतावनियों के बाद उस पर पेनल्टी रन लगाए जाने चाहिए।”
FAQs
IPL के दौरान किस चीज के ट्रेंड को लेकर सुनील गावस्कर ने नाराजगी जताई है?
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