4 big changes made RCB back-to-back champions: आईपीएल 2026 का खिताब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अपने नाम करने में सफलता हासिल की। फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन टीम ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया और लगातार दूसरी बार टाइटल जीता। 17 सीजन तक एक भी बार खिताब न जीतने वाली बेंगलुरु की टीम ने एक बार फिर चैंपियन बनकर साबित कर दिया कि उनकी पिछले सीजन की खिताबी जीत कोई तुक्का नहीं थी।
तमाम लोगों ने दावा किया था कि शायद अगले सीजन RCB इस तरह का प्रदर्शन न दोहरा पाए लेकिन रजत पाटीदार की कप्तानी वाली टीम ने उन सभी को गलत साबित किया। इस लेख में हम आपको उन 4 बड़े बदलाव के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दो बार IPL का टाइटल अपने नाम किया।
इन 4 बड़े बदलावों ने बनाया RCB को बैक-टू-बैक चैंपियन
1. कप्तान और कोचिंग स्टाफ का तालमेल

RCB ने 2025 के सीजन के आगाज से पहले बड़ा फैसला लिया और घरेलू क्रिकेट में अपनी लीडरशिप साबित कर चुके रजत पाटीदार को कप्तान चुना। पाटीदार को घरेलू खिलाड़ियों की अच्छी समझ थी और उनका शांत स्वाभाव दबाव वाली परिस्थितियों में भी कारगर साबित हुआ। उन्होंने हेड कोच एंडी फ्लावर और मेंटर व बल्लेबाजी कोच दिनेश कार्तिक के साथ काफी अच्छा तालमेल बिठाया और ऑक्शन में सटीक रणनीति के साथ जरूरत के हिसाब से अपने टारगेट किए हुए खिलाड़ियों को किसी भी कीमत में खरीदा, जिसका उन्हें फायदा भी मिला।
2. आवश्यकता से अधिक स्टार खिलाड़ियों पर निर्भरता खत्म
RCB के साथ आईपीएल में कई सालों तक सबसे बड़ी समस्या ये रही कि वे बड़े नामों पर काफी ज्यादा निर्भर रहते थे। जब ये स्टार प्रदर्शन नहीं कर पाते थे तो उन्हें आसानी से ड्रॉप भी नहीं कर मिलता था लेकिन पिछले दो सीजन से ऐसा नहीं रहा है। बेंगलुरु की टीम में बड़े स्टार खिलाड़ियों के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट में अच्छा करने वाले खिलाड़ियों को भी मौका मिला और उन्होंने टीम को लगातार दो बार चैंपियन बनाने में अहम रोल अदा किया। देवदत्त पडीक्कल, क्रुणाल पांड्या, सुयश शर्मा और रसिख सलाम दार जैसे खिलाड़ी इसका अच्छा उदाहरण हैं।
3. गेंदबाजी आक्रमण में संतुलन
पिछले दो सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की सबसे बड़ी ताकत उसकी गेंदबाजी कही जा सकती है। एक समय RCB के पास नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाज होते थे तो डेथ ओवरों में मार पड़ती थी और अगर डेथ में अच्छे विकल्प होते थे तो पावरप्ले में नहीं। लेकिन 2025 और 2026 के सीजन में गेंदबाजी अटैक काफी संतुलित नजर आया। नई गेंद से भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड मुख्य रूप से कारगर साबित हुए। वहीं, बाद के ओवरों में भी भुवनेश्वर के साथ रसिख सलाम दार ने अच्छा साथ निभाया। बीच के ओवरों में क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा की जोड़ी ने अपना जादू चलाया। इस तरह इन सभी का एकजुट प्रदर्शन टीम को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाने के काम आया।
4. मैच परिस्थितियों के अनुसार बेहतर रणनीति
RCB ने दोनों सीजन में मैचों के अनुरूप अपनी रणनीति बनाई। जहां जिस गेंदबाज को खिलाने की दरकार हुई, उसे वहां मौका दिया। वहीं, बल्लेबाजी में भी जरूरत के हिसाब से फेरबदल किए। वेंकटेश अय्यर पर बीच सीजन भरोसा दिखाना। जैकब डफी को मौका देना और फिर जोश हेजलवुड के आने के बाद भी कीवी गेंदबाज को जरूरत के अनुसार खिलाना। ये सब फैसले काफी अच्छे साबित हुए। इन के कारण ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दो टाइटल जीतने में सफलता हासिल हुई।
FAQs
RCB ने अपने दो IPL टाइटल किन टीमों को फाइनल में हराकर जीते?
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