Team India WTC Final Scenario: 2027 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाना है, जिसके लिए 9 टीमों में रेस जारी है। हाल ही में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच में 1-0 से पटखनी दी और पॉइंट्स टेबल में हलचल मची। इसका फायदा टीम इंडिया को मिला, जो पहले छठे स्थान पर थी लेकिन अब एक स्थान के फायदे से पांचवें स्थान पर पहुंच गई है।
खैर, टीम इंडिया (Team India) को यह फायदा दूसरे के प्रदर्शन से मिला है लेकिन WTC Final में जगह बनाने के लिए उसे खुद दमदार प्रदर्शन करना होगा। मौजूदा डब्ल्यूटीसी चक्र में भारत ने अपने आधे मैच खेल लिए हैं लेकिन इस दौरान बहुत अच्छा परफॉर्म नहीं किया है, जिसके कारण उसके लिए आगे की राह थोड़ी मुश्किल नजर आ रही है।
WTC 2025-27 चक्र में टीम इंडिया (Team India) का अभी तक ऐसा रहा है प्रदर्शन

मौजूदा WTC चक्र में टीम इंडिया (Team India) को कुल 18 टेस्ट खेलने थे, जिसमें से उसने 9 खेल लिए हैं। इस दौरान इंग्लैंड से 5 टेस्ट, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका से 2-2 टेस्ट खेले हैं। हालांकि, सीरीज जीत के मामले में भारतीय टीम को सिर्फ वेस्टइंडीज के खिलाफ ही सफलता मिली। वहीं, इंग्लैंड में 2-2 की बराबरी पर सीरीज समाप्त हुई थी, जबकि दक्षिण अफ्रीका के हाथों 2-0 से घरेलू सरजमीं पर शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी।
इस तरह टीम इंडिया (Team India) ने 9 मैचों में 4 जीत और 4 हार के साथ 1 ड्रॉ भी खेला है। WTC पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर मौजूद भारत के खाते में 52 अंक हैं और उसका पीसीटी 48.15% है।
WTC में शेष 9 मैचों में टीम इंडिया का इन तीन टीमों से होना है सामना
टीम इंडिया को WTC के मौजूदा चक्र में अभी तीन सीरीज में कुल 9 टेस्ट खेलना हैं। इनमें से 2 टेस्ट अगस्त में श्रीलंका दौरे पर होंगे। इसके बाद, अक्टूबर-नवंबर में न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय टीम 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में नज़र आएगी। वहीं, 2027 में जनवरी-फरवरी के दौरान घर पर ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करेगी और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए दोनों के बीच पांच टेस्ट खेले जाएंगे।
WTC Final के लिए टीम इंडिया का समीकरण
भारत के लिए WTC Final की गणित तो सरल है, लेकिन चुनौती बहुत बड़ी है। भारत को क्वालीफाई करने के लिए अपने बचे हुए 9 टेस्ट मैचों में से कम से कम 7 जीतने होंगे। सभी 9 टेस्ट जीतने पर PCT 74.07% हो जाएगा, जो क्वालीफाई करने की लगभग गारंटी है। वहीं, 7 टेस्ट जीतने और 2 ड्रॉ होने पर उनका PCT लगभग 66.67% हो जाएगा, जो अन्य टीमों के मैचों के नतीजों के आधार पर पर्याप्त हो सकता है।
ऐसे में भारत का एकमात्र प्रयास शेष 9 टेस्ट में ज्यादा से ज्यादा जीत दर्ज करने का होगा। वहीं, उसे हार और स्लो ओवर रेट की पेनल्टी से बचना होगा, क्योंकि हार की स्थिति में पॉइंट्स हाथ से निकल जाएंगे। वहीं, स्लो रेट के कारण मिलने वाली सजा में भी अंकों की कटौती हो सकती है।