T20 World Cup 2026: भारत और श्रीलंका के मेजबानी में टी20 वर्ल्ड कप 2026 का काफी भव्य आयोजन किया गया। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीमों के द्वारा दमदार प्रदर्शन देखने को मिला और अंत में फाइनल मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को हराकर इंडियन टीम ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी भी अपने नाम की।
लेकिन अब अचानक एक ऐसी खबर आई है, जिसने सभी को हैरान परेशान करके रख दिया है। खबर है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के एक मुकाबले के दौरान फिक्सिंग हुई थी और यह किसी और ने नहीं बल्कि एक टीम के कप्तान ने की थी।
न्यूज़ीलैंड को हराकर भारत ने जीता था ख़िताब
टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में किस टीम के कप्तान को लेकर फिक्सिंग की बात कही जा रही है वो जानने से पहले यह जान लीजिए कि 2026 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम को इंडिया ने 96 रनों के बड़े अंतर से हराकर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में ट्रॉफी अपने नाम की थी। यह भारत की ओवरऑल तीसरी और लगातार दूसरी ट्रॉफी जीत थी।
इस टीम से जुड़ी है फिक्सिंग की जड़

क्रिकबज़ में छपी खबर के अनुसार इंटरनेशनल क्रिकेट कॉउंसिल यानी आईसीसी की भ्रष्टाचार-विरोधी इकाई (एसीयू) ने कनाडा क्रिकेट से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के कई मामलों की जांच शुरू की है। इनमें टी20 वर्ल्ड कप 2026 का एक मैच भी शामिल है। यह जांच इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट में ICC के एंटी-करप्शन कोड के संभावित उल्लंघन तक भी फैली हुई है।
दरअसल, यह मामला एक कनाडाई खोजी डॉक्यूमेंट्री—’करप्शन, क्राइम एंड क्रिकेट’—के ज़रिए उजागर हुआ, जिसे ‘द फिफ्थ एस्टेट’ ने बनाया था। इस डॉक्यूमेंट्री में गवर्नेंस, टीम सिलेक्शन और मैच से जुड़े व्यवहार को लेकर चिंता जताई गई थी।
डॉक्यूमेंट्री की मानें तो जांच का एक हिस्सा T20 वर्ल्ड कप के दौरान न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ कनाडा के मैच से जुड़ा हुआ है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसके जांच के दायरे में कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा का फेंका गया एक ओवर है।
ये वही ओवर है, जिसमें उन्होंने नो-बॉल से शुरुआत की थी और लेग साइड में वाइड गेंद फेंकी थी। ओवरऑल उन्होंने उस ओवर में कुल 15 रन लुटाये थे। इतना ही नहीं बल्कि पारी में पेस से स्पिन में जल्दी बदलाव भी जांच का हिस्सा है।
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फ़ोन रिकॉर्डिंग भी हुई लीक
क्रिकबज के अनुसार एक और नया मामला पूर्व हेड कोच खुर्रम चौहान की लीक हुई कॉल रिकॉर्डिंग से जुड़ा है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि बोर्ड मेंबर्स टीम सिलेक्शन के लिए उन पर दबाव डालते थे। इतना ही नहीं बल्कि इस रिकॉर्डिंग में मैच फिक्सिंग की कोशिशों की बात भी सामने आई है, जोकि काफी गंभीर मामला है।
टीम सिलेक्शन से जुड़े ऐसे ही मामले में इसी तरह के दावे पूर्व कोच रहे पुबुदु दासनायके ने भी किए थे। उन्होंने गलत तरीके से हटाए जाने को लेकर भी बोर्ड के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
क्रिकेट कनाडा में हो रही उथल-पुथल
ये सब कांड ऐसे समय में हो रहा है जब क्रिकेट कनाडा पहले से ही काफी उथल-पुथल से गुजर रहा है। बीते कुछ समय से बोर्ड में लगातार लीडरशिप बदल रही है, जिससे खिलाड़ियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्लेयर्स को सैलरी या प्राइज मनी मिलने में भी काफी देरी हो रही है।
बताते चलें कि इन सब मामलों को लेकर ICC का कहना है कि इन मामलों की जांच पुलिस और कानूनी एजेंसियां ही करेंगी। चूंकि संगठित अपराध से जुड़े कुछ आरोप इतने गंभीर हैं कि वे ICC की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।